हेडिंग : 300 बेड का होगा जिले का सरकारी अस्पताल
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मरीजों के बढ़ते बोझ से हांफ रही स्वास्थ्य सेवाओं को क्या मिलेगी ऑक्सीजन
-आपदा प्रबंधन के लिए 60 अतिरिक्त बेड बढ़ेंगे, नया वार्ड जल्द होगा शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बेड की कमी का हवाला देकर अब जिले के सरकारी अस्पताल से मरीजों को मायूस नहीं लौटना होगा। अस्पताल प्रशासन आपदा प्रबंधन वार्ड तैयार करा रहा है, जिसमें 60 अतिरिक्त बेड का बंदोबस्त किया जाएगा। बढ़ते डेंगू के मामलों को ध्यान में रखते हुए नया वार्ड जल्द शुरू हो जाएगा। इसके बाद अस्पताल में बेड की क्षमता 240 से बढ़कर 300 हो जाएगी। साथ ही, मरीजों के लगातार बढ़ रहे बोझ से हांफ रही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को ऑक्सीजन भी मिलेगी।
जिले की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं की हालत सुधारने के लिए 519 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-39 में आठ मंजिला इमारत साल 2020 में बनकर तैयार हुई थी, लेकिन कोविड के कारण तीन साल देरी से इसमें जिला अस्पताल को शिफ्ट किया गया है। नए अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने के साथ ही मरीजों का बोझ भी बढ़ रहा है। यहां मरीजों की संख्या में 40 फीसदी तक इजाफा हुआ है। इससे पहले सेक्टर-30 स्थित पुरानी इमारत में अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 से 1500 के बीच मरीज पहुंच रहे थे, लेकिन अप्रैल के बाद से मरीजों की संख्या में बेतहाशा इजाफा देखने को मिल रहा है। इस साल जनवरी में 55,733 मरीज ओपीडी में पहुंचे थे, यह संख्या जुलाई में करीब 40 प्रतिशत ज्यादा यानी 78 हजार तक पहुंच गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार नई इमारत में अस्पताल शिफ्ट होने के बाद रोजाना 2500 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
दोगुने बढ़े बेड लेकिन सभी फुल
पुराने जिला अस्पताल में 100 बेड की क्षमता थी, लेकिन नए अस्पताल को 240 बेड के साथ शुरू किया गया था। सुविधाओं में इजाफा होने के बाद नए अस्पताल पर बढ़ रहे मरीजों के बोझ के कारण इन पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) यानी भर्ती होने वाले मरीजों से बेड फुल रहते हैं। इसको ध्यान में रखकर अस्पताल प्रशासन ने 60 बेड का आपदा प्रबंधन वार्ड शुरू करने का निर्णय लिया है।
डॉक्टरों के आधे पद खाली
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 40 पद हैं, लेकिन तकरीबन आधे पदों पर ही उनकी तैनाती है। ऐसे में पिछले करीब एक महीने में डॉक्टरों पर काम का बोझ दोगुना हो गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब समय प्रबंधन कर शिफ्ट वाइज डॉक्टरों से बेहतर काम लिया जा रहा है। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ पूरा होने के कारण कोई समस्या नहीं आ रही है।
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिला अस्पताल में सभी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़े। आईसीयू, एनआईसीयू, आधुनिक टीकाकरण केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
-डॉ. रेनू अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
ऐसे बढ़ी मरीजों की संख्या
जनवरी
55733
फरवरी
49,144
मार्च
59,551
अप्रैल
64,650
मई
69,640
जून
72,520
जुलाई
78,000