नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का खुलासा
- महिला मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार, हाल ही में रिलीज वेब सीरीज फर्जी देखकर प्रिंट करने लगे थे नकली नोट
- एक महीने पहले शुरू किया धंधा, आरोपियों के पास से 75 हजार रुपये के नकली नोट बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हाल ही में रिलीज हुई शाहिद कपूर की वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने गिरोह की महिला मास्टरमाइंड बहलोलपुर निवासी कोमल यादव समेत शरगुन और धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से करीब 75 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। तीनों आरोपी करीब 50 हजार रुपये से अधिक नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं। पुलिस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कुछ दिन पहले आई शाहिद कपूर की वेब सीरीज फर्जी देखकर नकली नोट प्रिंटिंग शुरू किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 54100 रुपये कीमत के 100 के नोट और 21400 रुपये कीमत के 200 रुपये के नकली नोट के साथ पांच मोबाइल, कागज, इंक, प्रिंटर, फेविकोल, स्कूटी आदि बरामद की है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा रामबदन सिंह ने बताया कि नकली नोट प्रिंट करने की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस की टीम एक्टिव थी। शनिवार को पुलिस ने बहलोलपुर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले एक महीने से आरोपी शहर में नकली नोट छाप रहेे थे। सभी आरोपी ए-4 के साइज के पेपर पर 100 और 200 की नोट को छाप कर शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों के माध्यम से खपाते थे।
एमबीए पास है कोमल, जल्द बनना चाहती थी अमीर
गिरोह की मास्टरमाइंड कोमल यादव एमबीए पास है। एमबीए की पढ़ाई पूरा करने के वह ट्यूशन पढ़ाती थी। हाल ही में कोमल ने साथी शरगुन और धीरज के साथ वेब सीरीज फर्जी देखी थी। इसके बाद नकली नोट छापना शुरू किया। वह जल्दी से अमीर बनना चाहती थी।
यू-ट्यूब से सीखा नकली नोट बनाना
डीसीपी रामबदन सिंह का कहना है कि वेब सीरीज देखने के बाद आरोपियों ने नकली नोट प्रिंट करने की साजिश रची। इसके लिए यू-ट्यूब पर नकली नोट बनाने की जानकारी ली। वहीं से जानकारी जुटाकर जरूरी कागज, इंक और साफ्टवेयर, प्रिंटर आदि की खरीदारी की। इसके बाद आरोपियों ने घर पर नकली नोटों की प्रिंटिंग शुरू कर दी। आरोपी 100 और 200 रुपये के नकली नोट प्रिंट करते थे। धीरे-धीरे पांच सौ रुपये का नोट प्रिंट करने की फिराक में थे हालांकि इससे पहले ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
नोट खपाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली नोट खपाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल करते थे। आरोपी नकली नोट आसपास के छोटे बच्चों को देते थे। बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों में बच्चचे जूस के ठेले, फलों और सब्जी की दुकानों से 20 से 30 रुपये का समान लेते थे। जिसके बाद वापस बचे पैसे बच्चों से ले लेते थे। बच्चों को जूस और फल मिल जाता था। आरोपी कई बार बच्चों को कुछ पैसे भी दे देते थे। बच्चों को शाम या रात के वक्त नकली नोट लेकर दुकानोंं पर भेजते थे।
ठगी के बाद लूट की साजिश रच रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी नकली नोट से ठगी करने के बाद लूट जैसे संगीन अपराध करने को लेकर यू-ट्यूब पर सर्च कर सीख रहे थे। इनके कई व्हाब्स एप चैट भी मिले हैं जिससे पता चल रहा है कि आरोपी बेहोश करने की दवा क्लोरोफाॅर्म के बारे में जानकारी जुटा रहे थे। आरोपी दवा के इस्तेमाल से लूट की जानकारी सर्च कर रहे थे।