सर्जरी के एक सप्ताह बाद ही दिखने लगता है असर
बेरिएट्रिक सर्जरी करवाने के एक सप्ताह बाद ही असर दिखने लगता है। यदि मरीज डॉक्टर के बताए डाइट चार्ट को अनुशरण करता है, तो तेजी से वजन घट सकता है। मरीज यदि एक्टिव रहता है तो एक से डेढ़ साल में 30 से 35 किलो तक वजन घटा सकता है। कई बार 100 से 120 किलो तक वजन घटा सकते हैं। करीब तीन साल पहले 240 साल के युवक की सर्जरी के बाद उनका वजन घटकर 100 किलो रह गया है।
हर माह होती है 10 सर्जरी
डॉ. संदीप के अनुसार एम्स में हर माह करीब 10 बेरिएट्रिक सर्जरी होती हैं। साल 2008 से एम्स में यह सुविधा उपलब्ध हैं। अभी तक एम्स में 1300 बेरिएट्रिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें से 80 फीसदी तक सर्जरी पूरी तरह से सफल रही हैं। केवल 25 सर्जरी में दिक्कत आई और मरीज की फिर से सर्जरी करनी पड़ी। इस सर्जरी में करीब एक घंटे का समय लगता है। इस सर्जरी में सर्जन एक छोटा सा पेट थैली बनाता है और आंत के एक हिस्से को बायपास करता है। इसमें मरीज के खाने की मात्रा और भोजन को अवशोषित करने का अवसर दोनों को प्रतिबंधित करता है।
सर्जरी करवा लोगों ने बताए फायदे, सर्जरी करवा चुकी मरीज से बातचीत
रोहतक निवासी अनुराधा ने बताया कि साल 2015 में उनका वजन 100 किलो था। भारी वजन के कारण कई समस्याएं हो रही थी। कोई भी काम करने से पहले ही थक जाती थी। इसी बीच एम्स में आने का मौका मिला और जांच के बाद बेरिएट्रिक सर्जरी के लिए कहा गया। यहां सर्जरी होने के बाद वजन घटकर 60 से 65 किलो तक आ गया है। साथ ही मधुमेह जैसी समस्या से भी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सर्जरी करवाने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर खाने-पीने पर नियंत्रण किया।
रोहिणी निवासी सुदेश सागर ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनका वजन 125 किलो था। अस्पताल में काम करने के कारण ज्यादा देर तक खड़े रहना पड़ता है जिस कारण दिक्कत बढ़ गई थी। इसी बीच एम्स में बेरिएट्रिक सर्जरी करवाई। सर्जरी के बाद अब वजन घटकर 72 किलो तक पहुंच गया है जिसे बढ़ने से रोकने के लिए नियमित व्यायाम और पैदल चल रही है। रोज एक घंटा पैदल चलती है। इसके अलावा खाने-पीने के समय और मात्रा पर विशेष ध्यान रखा है जिस कारण वजन नहीं बढ़ पा रहा। वजन घटने के कारण उम्र भी 5 से 10 बढ़ गई है।