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Noida News: मोटापे से परेशान लोगों के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी मददगार, मधुमेह-लिवर के रोग भी रहे दूर

Tue, 25 Apr 2023 07:17 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

बेरिएट्रिक सर्जरी करवाने के एक सप्ताह बाद ही असर दिखने लगता है। यदि मरीज डॉक्टर के बताए डाइट चार्ट को अनुशरण करता है, तो तेजी से वजन घट सकता है। मरीज यदि एक्टिव रहता है तो एक से डेढ़ साल में 30 से 35 किलो तक वजन घटा सकता है।
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मोटापा
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विस्तार
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मोटापे से परेशान लोगों के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी काफी मददगार साबित हो रही है। सर्जरी के बाद मरीजों का मोटापा कम हो रहा है। साथ ही मधुमेह, सिरोसिस (लिवर की समस्या) जैसे रोग भी दूर हो रहे हैं। वजन कम होने के बाद थकान, शरीर दर्द सहित अन्य समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। हालांकि, इस सर्जरी को लेकर अभी भी समाज में भ्रांतियां हैं, जिस कारण मरीज सर्जरी करवाने से परहेज करते हैं और लंबे समय तक केवल दवाइयां ही लेते हैं। ऐसे मरीजों को जागरूक करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के सर्जरी विभाग ने मंगलवार को एम्स में बेरिएट्रिक सर्जरी रोगी सहायता समूह की बैठक की।

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बैठक में सर्जरी करवा चुके मरीजों ने अपने अनुभवों को बताया। साथ ही उनकी जांच की गई। जांच में पाया गया कि मोटापे के कारण जिन लोगों का लिवर लगातार खराब हो रहा था, उसमें सुधार देखा गया। बढ़ा हुआ मधुमेह स्तर भी सर्जरी के बाद पांच साल तक बेहतर रहा। इसके अलावा मरीजों में अन्य समस्याएं भी दूर हुई जो मोटापे के कारण हो गई थी।

सर्जरी का कोई नकारात्मक पहलु नहीं : डॉ. संदीप
इस बारे में एम्स के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि एम्स में होने वाली इस सर्जरी का कोई नकारात्मक पहलु नहीं है। यदि मरीज डॉक्टरों के बताए नियमों का पालन करता है तो मोटापे के साथ काफी समस्याएं दूर हो जाती हैं जिससे मरीज की पांच से दस साल तक की उम्र बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यह सर्जरी मोटे लोगों के अलावा हर्निया, गोल ब्लाडर के मरीज के साथ मोटे लोगों के घुटने के ऑपरेशन से पहले की जाती है। इसके परिणाम काफी बेहतर हैं।
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बरी केयर एप लॉन्च
एम्स के सर्जरी विभाग ने बेरिएट्रिक सर्जरी करवा चुके मरीजों के लिए बरी केयर एप लॉन्च किया गया है। इसमें मरीज एम्स आने के लिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। इसके अलावा मरीज रिपोर्ट भी अपलोड कर सकता है। एम्स मरीजों को मोटापे से बचाव के लिए नई विधि भी एप के माध्यम से बताएगा

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सर्जरी के एक सप्ताह बाद ही दिखने लगता है असर
बेरिएट्रिक सर्जरी करवाने के एक सप्ताह बाद ही असर दिखने लगता है। यदि मरीज डॉक्टर के बताए डाइट चार्ट को अनुशरण करता है, तो तेजी से वजन घट सकता है। मरीज यदि एक्टिव रहता है तो एक से डेढ़ साल में 30 से 35 किलो तक वजन घटा सकता है। कई बार 100 से 120 किलो तक वजन घटा सकते हैं। करीब तीन साल पहले 240 साल के युवक की सर्जरी के बाद उनका वजन घटकर 100 किलो रह गया है।

हर माह होती है 10 सर्जरी
डॉ. संदीप के अनुसार एम्स में हर माह करीब 10 बेरिएट्रिक सर्जरी होती हैं। साल 2008 से एम्स में यह सुविधा उपलब्ध हैं। अभी तक एम्स में 1300 बेरिएट्रिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें से 80 फीसदी तक सर्जरी पूरी तरह से सफल रही हैं। केवल 25 सर्जरी में दिक्कत आई और मरीज की फिर से सर्जरी करनी पड़ी। इस सर्जरी में करीब एक घंटे का समय लगता है। इस सर्जरी में सर्जन एक छोटा सा पेट थैली बनाता है और आंत के एक हिस्से को बायपास करता है। इसमें मरीज के खाने की मात्रा और भोजन को अवशोषित करने का अवसर दोनों को प्रतिबंधित करता है।

सर्जरी करवा लोगों ने बताए फायदे, सर्जरी करवा चुकी मरीज से बातचीत
रोहतक निवासी अनुराधा ने बताया कि साल 2015 में उनका वजन 100 किलो था। भारी वजन के कारण कई समस्याएं हो रही थी। कोई भी काम करने से पहले ही थक जाती थी। इसी बीच एम्स में आने का मौका मिला और जांच के बाद बेरिएट्रिक सर्जरी के लिए कहा गया। यहां सर्जरी होने के बाद वजन घटकर 60 से 65 किलो तक आ गया है। साथ ही मधुमेह जैसी समस्या से भी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सर्जरी करवाने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर खाने-पीने पर नियंत्रण किया।

रोहिणी निवासी सुदेश सागर ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनका वजन 125 किलो था। अस्पताल में काम करने के कारण ज्यादा देर तक खड़े रहना पड़ता है जिस कारण दिक्कत बढ़ गई थी। इसी बीच एम्स में बेरिएट्रिक सर्जरी करवाई। सर्जरी के बाद अब वजन घटकर 72 किलो तक पहुंच गया है जिसे बढ़ने से रोकने के लिए नियमित व्यायाम और पैदल चल रही है। रोज एक घंटा पैदल चलती है। इसके अलावा खाने-पीने के समय और मात्रा पर विशेष ध्यान रखा है जिस कारण वजन नहीं बढ़ पा रहा। वजन घटने के कारण उम्र भी 5 से 10 बढ़ गई है।
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