धनौरी वेटलैंड को मिल सकता है रामसर टैग
- एनजीटी में प्रभागीय वन अधिकारी ने दी जानकारी, कहा, वेटलैंड अथाॅरिटी की लगाई गई आपत्तियों का दिया जा चुका जबाव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की धनौरी वेटलैंड को रामसर टैग मिल सकता है। ऐसा हुआ तो यहां दुनिया भर से पर्यटकों का आना शुरू हो सकता है। इसके अलावा क्षेत्र का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हो जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) ने जवाब दिया है कि पूर्व में लगाई गईं आपत्तियां दूर होने के बाद अब वेटलैंड अथॉरिटी धनौरी को रामसर टैग देने के लिए अधिसूचना जारी करने पर विचार कर रही है।
धनौरी वेटलैंड को रामसर टैग मिलने के लिए पर्यावरणविद् डॉ. आनंद आर्या की याचिका पर एनजीटी सुनवाई कर रहा है। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रशांत श्रीवास्तव, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल के आदेश के मुताबिक सरकार ने जानकारी दी है कि चार अगस्त 2022 को एक प्रस्ताव वेटलैंड अथॉरिटी को भेजा गया था। इस पर आपत्ति लगाते हुए वेटलैंड अथॉरिटी ने अतिरिक्त जानकारी और दस्तावेज डीएफओ से मांगे थे। डीएफओ ने अपने जवाब में कहा है कि आपत्तियों के जबाव और जरूरी दस्तावेज वेटलैंड अथॉरिटी को एक अप्रैल 2023 को दे दिए गए थे। अब वेटलैंड अथॉरिटी से नोटिफिकेशन जारी होने की कार्यवाही पर प्रगति की जानकारी देने के लिए एनजीटी ने चार सप्ताह का समय डीएफओ को दिया है। एनजीटी इस मामले की सुनवाई अब 20 नवंबर को करेगा।
रामसर टैग क्या है?
ईरान के रामसर में दो फरवरी 1971 में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन हुआ। इसमें वेटलैंड के संरक्षण के लिए समझौते हुए थे। इसमें अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड को अधिसूचित करने की कार्रवाई सभी सदस्य देशों को करनी है। यूनेस्को की निगरानी में यह द कन्वेंशन ऑफ वेटलैंड्स या रामसर कन्वेंशन हुआ।
रामसर टैग से क्या होगा फायदा?
जानकारों के मुताबिक रामसर टैग मिलने के बाद धनौरी वेटलैंड का संरक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट और योजना के साथ काम वेटलैंड अथॉरिटी और वन विभाग करेंगे। यूनेस्को की वेबसाइट पर भी इसे दर्ज किया जाएगा। इससे पूरी दुनिया के पर्यटकों के यहां आने की राह भी खुलेगी।