(अदालत से)
ग्रेटर नोएडा। अधिवक्ता से मारपीट के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ फैसला सुनाते हुए थाना बिसरख को पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना करने का आदेश दिया है। पीड़ित फरीद अहमद निवासी गांव ककराला, सेक्टर-80 नोएडा का आरोप है कि 14 मार्च 2026 की रात कुछ पुलिसकर्मी उसके घर का गेट तोड़कर जबरन अंदर घुस आए। कारण पूछने पर पुलिसकर्मियों ने प्रार्थी और उसकी पत्नी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी तथा पत्नी से अश्लील हरकत की। पुलिस टीम ने घर में तोड़फोड़ भी की और इसके बाद पीड़ित को जबरन गाड़ी में बैठाकर करीब दो घंटे तक सुनसान इलाकों में घुमाया गया। सुबह करीब आठ बजे साथी अधिवक्ताओं को जानकारी हुई तो वे थाने पहुंचे और उसे अवैध हिरासत से मुक्त कराया। पीड़ित के अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि अदालत ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए थानाध्यक्ष बिसरख को आदेश दिया कि वह मामला पंजीकृत कर कोर्ट को इसकी सूचना दें।