न्यू दादरी स्टेशन से लॉजिस्टिक हब तक बनेगी तीन किमी रेल लाइन
बोड़ाकी के पास रेल कनेक्टिविटी के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने डीपीआर मंजूर की
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बोड़ाकी के पास बनने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) परियोजना की तीन किमी लंबे रेलवे कॉरिडोर की डीपीआर को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर न्यू दादरी रेलवे स्टेशन से बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के गेट तक बनाई जाएगी।
यहां पर एमएमएलएच के रेल यार्ड में 16 प्लेटफॉर्म होंगे, जिनसे उद्यमियों का माल आसानी से मालगाड़ियों में लोड किया जा सकेगा और अपने गंतव्य तक कम समय में पहुंच सकेगा। इस रेलवे लाइन का निर्माण डीएफसीसीआईएल करेगा। करीब 858 करोड़ रुपये की इस परियोजना को बनाने के लिए जल्द ही टेंडर जारी होगा। इस परियोजना से न सिर्फ औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उद्यमियों को रेलवे से माल मंगाने और भेजने में वाहनों की अपेक्षा भाड़ा भी कम लगेगा। यह परियोजना उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
बोड़ाकी के पास इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) की ओर से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों की जरूरत को देखते हुए इसे विकसित किया जा रहा है।
पिछले सप्ताह ही प्राधिकरण ने डीएमआईसी परियोजना में किसानों की परिसंपत्तियों को लेकर चल रहे विवाद को बोर्ड बैठक में पास कराकर जमीन का विवाद खत्म कर दिया था। इससे अब वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पहला स्टेशन न्यू दादरी स्टेशन ग्रेटर नोएडा से एमएमएलएच को जोड़ने के लिए करीब तीन किमी रेलवे लाइन का निर्माण होना है। 823 एकड़ में प्रस्तावित परियोजना में रेल कॉरिडोर बनाने पर करीब 858 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस ट्रैक को बनाने की जिम्मेदारी डीएफसीसीआईएल को दी गई है। अब डीएफसीसीआईएल ने भी परियोजना की डीपीआर मंजूर कर दी है और ट्रैक का निर्माण के लिए कंपनी का चयन करेगी।
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मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का मास्टर प्लान बनाने की तैयारी शुरू
बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का मास्टर प्लान बनाने के लिए आईआईटीजीएनएल ने जनरल कंसल्टेंट के नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करते हुए टेंडर जारी कर दिया है। चयन की प्रक्रिया एक माह में पूरी होनेे की उम्मीद है। यहां पर रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर बोड़ाकी के पास ही ग्रेटर नोएडा रेलवे टर्मिनल बनाया जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिल सकेंगी। अंतरराज्यीय बस अड्डे के साथ लोकल बस टर्मिनल भी बनेंगे। इसके अलावा डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो लाइन पर भी मुहर लग चुकी है।
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मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजनाएं से भारी निवेश के साथ ही लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इन दोनों परियोजनाओं को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। - रितु माहेश्वरी, प्रबंधक निदेशक, डीएमआईसी/आईआईटीजीएनएल।