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डेंगू का डंक : निजी अस्पतालों का खेल, 1023 नमूने जांच में फेल

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डेंगू का डंक : निजी अस्पतालों का खेल, 1023 नमूने जांच में फेल
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- सरकारी आंकड़ों ने खोली पोल, सिर्फ प्लेटलेट्स काउंट के आधार पर डेंगू का हो रहा इलाज

- अस्पताल छिपा रहे जानकारी, सरकारी लैब की जांच में अब तक 201 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
- 1224 लोगों की एलाइजा जांच हुई जिले में

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। कई निजी अस्पताल डेंगू के नाम पर मरीज-तीमारदारों की जेब हल्की कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों ने लापरवाह अस्पतालों की पोल खोलकर रख दी है। जिले में अधिकृत केंद्रीय लैब में जांच के लिए पहुंचे 1023 नमूनों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि अस्पतालों में डेंगू बताकर मरीजों का इलाज कर दिया गया। निजी अस्पतालों के बेड डेंगू के मरीजों से फुल हैं। इसके बावजूद मरीजों की सही जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंच रही है।

जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ तैयार रिपोर्ट में निजी अस्पतालों की मनमानी की तरफ इशारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 1224 नमूनों की सरकारी अस्पताल की केंद्रीय लैब में एलाइजा जांच हुई हैं, इसमें सिर्फ 201 की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई है। शेष 1023 नमूनों की जांच में मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। इनमें 90 फीसदी नमूने निजी अस्पतालों से क्रॉस जांच के लिए मंगाए गए हैं। वहीं, अब तक डेंगू की 10 हजार से ज्यादा रेपिड जांच हुई हैं। रेपिड जांच के बाद डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच अनिवार्य है। हालांकि, रेपिड जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डेंगू संदिग्ध मानकर उपचार किया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों को डेंगू पुष्ट रोगी नहीं मानता।
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जिले में सिर्फ दो लैब मान्य

जिले में डेंगू मरीजों की पुष्टि पहले जिला अस्पताल की लैब में होती थी, लेकिन पिछले वर्ष से चाइल्ड पीजीआई की लैब को भी इसके लिए मान्यता मिली है। निजी अस्पतालों को हर तीन दिन में क्रॉस जांच के लिए नमूने भेजने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकांश अस्पताल जानकारी छिपा रहे हैं।



पड़ोसी शहरों के 25 फीसदी मरीज

जिले में अब तक डेंगू के 201 मरीजों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। इनमें करीब 50 मरीज दिल्ली, गाजियाबाद के खोड़ा काॅलोनी सहित अन्य स्थानों के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल सभी मरीजों की जानकारी पोर्टल पर चढ़ा देते हैं। जिसकी वजह से जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा प्रदेश में सबसे ज्यादा नजर आ रहा है।



अब तक डेंगू से मौत नहीं

जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा का कहना है कि भले ही डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जिले में डेंगू से अब तक कोई मौत नहीं हुई है जो बड़ी राहत की बात है। वहीं गाजियाबाद में डेंगू से दो मौतें हो चुकी हैं। जिसके बाद शासन की तरफ से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।



लार्वा तलाश रहे, फोगिंग-एंटी लार्वा गतिविधियां सुस्त

जिले में डेंगू, मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग चैन की नींद सोया हुआ है। लगातार बढ़ रहे मामले मच्छरों से निपटने के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियों में बरती जा रही लापरवाही की पोल खोल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ लार्वा तलाशने में जुटा है।
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डेंगू के लक्षण

-100 से 102 डिग्री तक बुखार आना, हाथ-पैर में दर्द बना रहना। उल्टी, सिरदर्द, भूख नहीं लगना। चक्कर आना।

- बच्चों के हाथ-पैर एकदम ठंडे पड़ जाना। उल्टी करने पर खून आना। आंखें लाल हो जाना। शरीर में सूजन, लाल दाने आना, पेट फूलना, लीवर का बढ़ना, लाल चकत्ते पड़ने पर रक्त आना।



डेंगू से बचाव

- मच्छरदानी का प्रयोग करें, बासी खाने का सेवन न करें, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
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