शहर पर डेंगू का कहर, 140 पहुंची मरीजों की संख्या
ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में तेजी से बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जिले में डेंगू के 70 फीसदी मामले ग्रेनो और 30 प्रतिशत नोएडा के
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इस बार गांव से ज्यादा शहरी क्षेत्र पर डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में डेंगू का डंक तेजी से बढ़ रहा है। शासन के निर्देश पर जिला मलेरिया विभाग की टीम ने सोसाइटियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। हर साल अगस्त के बाद डेंगू पांव पसारता था, लेकिन इस बार जुलाई के महीने में ही रिकॉर्ड 47 मरीजों की पुष्टि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पिछले वर्ष डेंगू के 434 मरीज दर्ज किए गए थे। सर्वाधिक मरीज अक्तूबर से दिसंबर के बीच आए थे। इस बार जुलाई तक ही मरीजों का आंकड़ा 140 पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में डेंगू के संभावित खतरे का अंदाजा लगाकर विभाग सघन जांच अभियान चला रहा है।
जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से लेकर जुलाई तक 2986 मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू के 140 मरीज मिले हैं। जुलाई में 387 संदिग्ध मरीजों की एलाइजा जांच की गई, जिसमें 47 की पुष्टि हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि जिले में डेंगू के 70 फीसदी मामले ग्रेनो और 30 फीसदी नोएडा के हैं। ग्रेनो वेस्ट की कई सोसाइटियों में मरीज मिलने के बाद लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। लार्वा मिलने पर इस बार जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। बुधवार को निराला एस्टेट सोसाइटी स्थित ग्रॉसरी मार्ट पर पांच हजार जुर्माना लगाया गया था। प्रदेश में पहली बार गौतमबुद्ध नगर में यह कार्रवाई हुई है।
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निजी अस्पतालों पर कसेगा शिकंजा
डेंगू बताकर निजी अस्पताल इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। लगातार डेंगू के मामलों की जानकारी देने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नियमानुसार दस फीसदी नमूनों को क्रॉस जांच के लिए सरकारी अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई की केंद्रीय लैब भेजने का नियम है, लेकिन कोई अस्पताल इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। डेंगू की आड़ में चल रहे डर के कारोबार की हकीकत जानने के लिए अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा।
इसलिए भी बढ़ रहा कहर
- डेंगू मच्छर के काटने के एक से दो दिन बाद लक्षण दिखने शुरू होते हैं। इसके बाद शुरुआती उपचार में ही तीन से चार दिन का समय निकल जाता है। इस बीच मरीज की हालात गंभीर हो जाती है।
- डेंगू जांच के लिए एलाइजा किट महंगी होने के कारण कई नमूनों को एक साथ जांच के लिए लगाया जाता है। ऐसे में तीन से छह दिन तक लैब में नमूने एकत्रित होने का इंतजार किया जाता है।
-नमूनों की क्रॉस जांच कराई जाती है, पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 दिन गुजर जाते हैं। इसके बाद फॉगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियां शुरू होती हैं, तब तक कई लोग मच्छरों का निशाना बन चुके होते हैं।
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बीमारी के लक्षण
- 100 से 102 डिग्री तक बुखार आना, हाथ-पैर में दर्द बना रहना। उल्टी, सिरदर्द, भूख नहीं लगना। चक्कर आना।
- बच्चों के हाथ-पैर एकदम ठंडे पड़ जाना। उल्टी करने पर खून आना। आंखें लाल हो जाना। शरीर में सूजन, लाल दाने आना, पेट फूलना, लीवर का बढ़ना, लाल चकत्ते पड़ने पर रक्त आना।
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डेंगू से बचाव
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बासी खाने का सेवन न करें।
- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।