ग्रेटर नोएडा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने भारत सरकार और जीएसटी परिषद से सभी हस्तशिल्प और हथकरघा वस्तुओं पर जीएसटी दरों को एक समान पांच प्रतिशत लगाने की मांग की है। ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ नीरज खन्ना ने कहा, हाल ही में अमेरिकी टैरिफ की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात प्राप्तियों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे में सभी हस्तशिल्प वस्तुओं पर एक समान पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने से प्रामाणिक हस्तनिर्मित उत्पाद ज्यादा भारतीय परिवारों की पहुंच में आ जाएंगे। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि साल 2024-25 के दौरान हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा है। ब्यूरो