सर्विसेज मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी रिपोर्ट
राजशेखर के तत्काल तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सतर्कता और सर्विसेज विभाग के विशेष सचिव आईएएस वाईवीवीजे राजशेखर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस मामले को लेकर सर्विसेज मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राजशेखर के तत्काल तबादले को लेकर पत्र लिखा है। इसमें राजशेखर पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप और कदाचार से जुड़ी शिकायतों के बारे में विस्तृत विवरण दिया गया है।
भारद्वाज ने कहा है कि आधिकारिक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निजी हित के लिए राजशेखर अक्सर संवेदनशील फाइलों को अवैध तरीके से अपने पास रखते हैं। मुख्यमंत्री को दी गई विस्तृत रिपोर्ट में भारद्वाज ने भ्रष्टाचार और कदाचार के विभिन्न कार्यों में राजशेखर की संलिप्तता की शिकायतों का उल्लेख किया है। उन्होंने निजी हित के लिए झूठी, गलत सूचनाओं के प्रसार के लिए राजशेखर की कड़ी निंदा करते हुए शिकायतों की जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है। भारद्वाज की ओर से केजरीवाल को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, एक शिकायत के बाद 13 मई 2023 को राजशेखर को दिए गए सभी कार्यों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया गया था। आरोप था कि वे जबरन वसूली कर रहे थे। भारद्वाज ने आरोप लगाए हैं कि राजशेखर का पूरा कार्यकाल विभिन्न भ्रष्टाचार संबंधी मामलों के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो, केंद्रीय सतर्कता आयोग और दिल्ली की भ्रष्टाचार रोधी शाखा की जांच के दायरे में रहा है।
300 उम्मीदवारों से 15 करोड़ लेने का दावा
भारद्वाज ने शिकायत में आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राजशेखर अनुकंपा के आधार पर हर नियुक्ति के लिए पांच लाख रुपये की मांग करते हुए एक संगठित रैकेट चला रहे हैं। ऐसे 300 उम्मीदवारों से 15 करोड़ रुपये लिए गए हैं। इनमें एक शिकायतकर्ता भी है। दिल्ली सरकार के उन कर्मचारियों के आश्रितों से करोड़ों वसूलने के लिए पद का दुरुपयोग किया, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी सीट का प्रभार नहीं सौंपने के लिए दबाव बनाने के इरादे से राजशेखर ने अपने दो अधिकारिक पत्रों की सामग्री को मीडिया में लीक किया है।