सफाई कर्मचारी का शव 13 दिन बाद मिला
नगीना। जिला अस्पताल मांडीखेड़ा से सफाई कर्मचारी नरेश 30 अगस्त को अचानक ड्यूटी के दौरान लापता हो गया। इस संबंध में परिजनों ने पुलिस को शिकायत देकर तलाश करने की गुहार लगाई थी लेकिन नगीना पुलिस नरेश का पता नहीं लगा पाई। वहीं बुधवार सुबह नरेश का शव मांडीखेड़ा अस्पताल के पीछे खेतों में पड़ा हुआ मिला। अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि नरेश की हत्या की गई है या आत्महत्या है। परिजनों का आरोप है कि यदि नगीना पुलिस इस मामले में गंभीरता दिखाती तो शायद तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया नहीं उठता। परिजनों द्वारा नरेश के गुम हो जाने के 4 दिन बाद ही इस मामले से पुलिस को अवगत कराकर मामला दर्ज करा दिया था। नरेश की मौत से उसका परिवार सदमें में है। नरेश का पूरा परिवार उसी पर निर्भर था। नरेश का एक 10 साल का बेटा और 2 बेटियां हैं। नरेश मांडीखेडा में ससुुर के पास ही रहता था। थाना प्रभारी कृष्ण लाल ने बताया कि जिला अस्पताल मांडीखेड़ा के पीछे खेतों में नरेश का शव मिला है जिसकी पहचान नरेश के परिजनों ने की है। शव का जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।