दादरी नायब तहसीलदार पर 20 लाख घूस लेने का आरोप, मुख्यालय से अटैच
अमर उजाला इंपैक्ट
जलपुरा गांव में ग्राम सभा की जमीन की पैमाइश में गड़बड़ी करने और पैसे लेने के मामले में जिलाधिकारी ने की कार्रवाई
हाईकोर्ट के आदेश पर ग्राम सभा की भूमि से हटाया जाना है कब्जा, जांच में तहसील के अन्य अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी ने दादरी तहसील के नायब तहसीलदार राम किशन को हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया है। नायब तहसीलदार पर जलपुरा गांव में ग्राम सभा की जमीन की पैमाइश के नाम पर बिल्डर और स्थानीय निवासियों से करीब 20 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। मार्च में नायब तहसीलदार ने पिता के नाम से नोएडा के ककराला गांव में 3700 वर्गमीटर जमीन भी खरीदी है। जांच में तहसील के अन्य अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। जल्द ही उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
जलपुरा में ग्राम सभा की करीब 300 बीघा जमीन है। इसमें से 200 बीघा पर कब्जा हो चुका है। ग्रामीण ने जमीन को खाली कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने डीएम को भूमि खाली कराने का आदेश दिया, लेकिन प्रशासन कब्जा नहीं हटा सका। याचिकाकर्ता ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कई बार तहसील की टीम गांव में फोर्स लेकर पहुंच चुकी है, लेकिन कब्जा नहीं हटाया जा सका। तहसील दादरी की टीम ने हर बार फिर से पैमाइश करने की बात कहकर कार्रवाई रोक दी।
पैमाइश में गड़बड़ी और वसूली की शिकायत मिलने पर डीएम ने जांच के लिए अलग से टीम गठित की। टीम में चकबंदी लेखपाल भी शामिल हैं। टीम को गांव के 17 से 18 खसरा नंबरों की जांच करनी होगी। चार खसरा नंबर की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें ही दादरी तहसील का फर्जीवाड़ा सामने आ गया है।
आरोप है कि पहली पैमाइश की गलत रिपोर्ट तैयार की गई। ग्राम सभा की जमीन पर विला बसाए गए। रिपोर्ट के नाम पर बिल्डर और ग्रामीणों पर दबाव बनाकर पैसों की वसूली की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि नायब तहसीलदार राम किशन भी गलत रिपोर्ट के नाम पर वसूली कर रहे हैं। इस पर डीएम ने नायब तहसीलदार को दादरी तहसील से हटाकर कलेक्ट्रेट भूलेख विभाग में अटैच किया गया है, साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी है।
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पहले ग्राम सभा की जमीन पर थे विला, बाद में दी क्लीन चिट
तहसील दादरी के अधिकारियों ने जलपुरा में ग्राम सभा की जमीन पर 10 विला बने होने का दावा किया था। बताया गया था कि विला का आधा हिस्सा ग्राम सभा की जमीन पर बने है, बाद में फिर से पैमाइश का हवाला देकर तहसील ने सभी विला को क्लीन चिट दे दी और ग्राम सभा की जमीन पर नहीं बने होने की रिपोर्ट दी। आरोप है कि इसमें भी रिश्वत ली गई। अमर उजाला ने 30 मार्च को ‘पहले ग्राम सभा की जमीन पर बने थे विला, अब दे दी क्लीन चिट’ खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद तहसील की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची और जांच शुरू की।
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पिछले माह नोएडा में खरीदी है जमीन
जांच में पता चला है कि नायब तहसीलदार ने पिछले माह नोएडा के ककराला गांव में पिता के नाम से 3700 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। इसकी भी जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से आया है। जांच शुरू होने के बाद से तहसील के अन्य अफसरों में भी खलबली मची है।
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जलपुरा में ग्राम सभा की जमीन से कब्जा हटाने के नाम पर वसूली और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने शिकायत मिली थी। नायब तहसीलदार पर लगे आरोपों में उन्हें मुख्यालय से अटैच किया है। जांच पूरी होने पर अन्य कार्रवाई की जाएगी। तहसील के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी