बादलपुर थाना क्षेत्र के बंबावड गांव के पास फरवरी में हुई हिस्ट्रीशीटर पवन की बहन पूनम श्रीवास्तव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मुखबिरी के शक में हरेंद्र खड़खड़ी गैंग पर हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप है।
पुलिस ने गैंग के तीन शूटर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर एक तमंचा, कारतूस और दो चाकू बरामद किए। जेल में बंद पवन भी हरेंद्र गैंग का ही गुर्गा है। बुधवार को एसपी देहात अभिषेक यादव ने सूरजपुर स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि गाजियाबाद के लोनी की आजाद एंक्लेव कॉलोनी निवासी पूनम श्रीवास्तव पुत्री सुरेश श्रीवास्तव 21 फरवरी को गाजियाबाद न्यायालय में भाई पवन की पेशी के दौरान पैरवी करने आई थी।
पवन हत्या के मामले में जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि वह हरेंद्र खड़खड़ी गैंग का सदस्य है। पूनम के भाई की गैंग जमानत नहीं करा रहा था जिस कारण वह नाराज थी। हरेंद्र गैंग को शक था कि पूनम लोनी के भोला गैंग के लिए मुखबिरी कर रही है।
इसी आशंका पर मंगल उर्फ अशोक निवासी बबांवड, अनिल निवासी खड़खड़ी लोनी, समरपाल निवासी खड़खड़ी ने पूनम का 21 फरवरी की शाम लोनी से अपहरण कर लिया था। बबांवड गांव के पास रात में रजवाहा के किनारे गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
मामले में गांव प्रधान तेजपाल शास्त्री ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश में थी। मंगलवार रात में बादलपुर पुलिस ने बंबावड गांव गेट के पास तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने मुखबिरी के शक में हत्या करना कबूला है।