सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर पांच हजार से ज्यादा छात्रों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की गई। सेक्टर-23 स्थित नोएडा पब्लिक स्कूल में रविवार सुबह नौकरी के लिए टेस्ट देने आने पर छात्रों को ठगे जाने का एहसास हुआ। दरअसल, केंद्र में परीक्षा के लिए 671 सीट बुक कराई गई।
जबकि हजारों की संख्या में छात्र इंट्रेंस देने पहुंच गए। ठगी का पता चलने पर उन्होंने परीक्षा केंद्र पर हंगामा किया। सेक्टर-24 थाना पुलिस ने छात्रों की तहरीर पर परीक्षा कराने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, डा. सर्वपल्ली राधा कृष्णन नामक संस्था व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने सितंबर 2015 में डा. सर्वपल्ली राधा कृष्णन शिक्षा संस्थान के बैनर तले नेशनल ब्यूरो ऑफ प्रोफेसनल टेस्टिंग नाम से एक वेबसाइट तैयार की। इस पर सरकारी शिक्षक के लिए वैकेंसी निकाली गई। जूनियर, सीनियर और एसोसिएट शिक्षक के तीन पद बनाए गए। इनमें आवेदन करने के लिए प्रत्येक आवेदक से तीनों पदों के लिए बैंक चालान व नेट बैंकिंग के जरिये 450 रुपये लिए गए।
आवेदन करने की योग्यता स्नातक रखी गई। बेरोजगार युवक-युवतियों ने तीनों पदों केलिए एक साथ आवेदन कर दिया। 6 मई 2016 आवेदन की अंतिम तिथि और परीक्षा की तिथि 15 मई रखी गई। देश के कोने-कोने से बेरोजगार लोगों ने इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। इसके बाद रविवार को एंट्रेंस परीक्षा देने नोएडा पब्लिक स्कूल पहुंच गए।
पीड़ित भूमिका ने बताया कि दो पालियों में परीक्षा के दौरान प्रत्येक पाली में 2100 लोगों को परीक्षा देनी थी। भूमिका ने बताया कि परीक्षा केंद्र बेंगलूरु, दिल्ली, गाजियाबाद, देहरादून, जयपुर आदि शहरों में भी बनाए गए थे। मगर, वहां पूर्व में ही परीक्षा रद्द कर दी गई और सिर्फ नोएडा में ही परीक्षा केंद्र बनाया गया। छात्रों का यह भी आरोप है कि इससे पूर्व भी नौकरी के नाम पर रुपये लेकर परीक्षा नहीं कराई गई।
बड़ी संख्या में दूसरे छात्र भी इनकी ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस का मानना है कि परीक्षा के लिए करीब पांच हजार लोगों ने आवेदन किए। ऐसे में एक करोड़ से ज्यादा की ठगी का अनुमान है।