फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुकानदार के दो हत्यारोपी दोस्त गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज, गाजियाबाद के लिए भी उपयोगी
विज्ञापन


दुकानदार के हत्यारोपी दोस्त गिरफ्तार
घोड़ी बठेड़ा से अगवा कर कासगंज में हत्या कर शव छुपाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा/दादरी। घोड़ी बछेड़ा निवासी दुकानदार की कासगंज में हत्या कर शव छुपाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। दो नामजद अभी फरार हैं। इस मामले में परिजनों ने सोमवार को ग्रामीणों के साथ मिलकर परी चौक पर जाम लगाया था। उन्होंने रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कार व दुकानदार का मोबाइल बरामद किया है।
एसपी देहात विनीत जायसवाल ने बताया कि घोड़ी बछेड़ा गांव निवासी रामकिशन ने दादरी कोतवाली में 29 दिसंबर को गैस चूल्हे की दुकान चलाने वाले बेटे धर्मेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि धर्मेंद्र 27 दिसंबर की सुबह छह बजे अलीगढ़ जाने की बात कहकर गया था और वापस नहीं लौटा। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 28 दिसंबर को धर्मेंद्र की कासगंज में ले जाकर हत्या कर दी और शव फेंककर भाग आए। 30 दिसंबर को परिजनों को धर्मेंद्र की हत्या के बारे में पता चला। उन्होंने कासगंज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की। 31 दिसंबर को परिजनों व ग्रामीणों ने शव परी चौक पर लाकर जाम लगाया। पुलिस ने ग्रामीणों को 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। पुलिस ने रामपुर फाटक के पास से नामजद मुख्य आरोपी रवि और गगन निवासी घोड़ी बछेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में राहुल निवासी घोड़ी बछेड़ा और उसका भांजा दीपक फरार हैं।
विज्ञापन


हत्या के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुआ रवि
घोड़ी बछेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी गगन गाजियाबाद में अपने रिश्तेदार के घर जाकर छिप गया था। रवि गांव लौट आया था। परिजनों को रवि के भी धर्मेंद्र के साथ जाने की जानकारी नहीं थी। 30 दिसंबर को परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर प्रदर्शन किया था। इसमें रवि भी शामिल था। धर्मेंद्र का मोबाइल भी स्विच ऑफ नहीं था। इसके चलते परिजन को आस थी कि वह लौट आएगा। बाद में मोबाइल लोकेशन से ही गगन के गाजियाबाद में होने की जानकारी हुई।
विज्ञापन


परिजन बोले, रुपयों के लिए की हत्या
आरोपी बोले.. तमंचा खरीदने गए थे
परिजन का कहना है कि धर्मेंद्र, रवि व गगन तीनों में गहरी दोस्ती थी। धर्मेंद्र ने पहले छह लाख रुपये और फिर टाटा की गाड़ी खरीदने के लिए तीन लाख रुपये रवि को उधार दिए थे। आरोप है कि रुपये हड़पने के लिए ही धर्मेंद्र की हत्या की गई है। वहीं, आरोपियों ने कहा कि वह कासगंज तमंचा खरीदने गए थे। धर्मेंद्र उन्हें वहां ले गया। रास्ते में लोड तमंचा चलने से धर्मेंद्र की मौत हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें