दहेज के मामले में कोर्ट में तारीख पर आए पिता-पुत्र का अपहरण
पुन्हाना। दहेज के मामले में पिनगवां मोबाइल कोर्ट में चल रहे केस की तारीख पर आए बाप-बेटे का अपहरण करने का मामला सामने आया है। इसका आरोप वधू पक्ष के लोगों पर लगा है। मामले में पुलिस ने वर पक्ष की पीड़िता अमीना की शिकायत पर 6 लोगों खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पलवल जिले के गांव गुराकसर निवासी अमीना पत्नी आस मोहम्मद ने पिनगवां पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे शौकीन की शादी 2013 में पुन्हाना खंड के गांव रानौता निवासी धनपत की लड़की के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों पक्षों में तनातनी होनी शुरू हो गई जिसके बाद वधू पक्ष ने दहेज का मामला दर्ज करा दिया। सोमवार को गुराकसर निवासी आस मोहम्मद और शौकीन अपने केस की तारीख पर हाजिर होने के लिए आए थे। जब वे अदालत में तारीख पर हाजिरी लगाकर बाइक से अपने गांव गुराकसर जा रहे थे तो पिनगवां-हथीन रोड पर गांव रहपुआ के पास एक सफेद बोलेरो कार ने दोनों को रोक लिया और जबरदस्ती कार में डालकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि अपहरण करने वालों में पीड़ित शौकीन का साला असरू, साहून, असलम, अरशद तालीम पुत्र धनपत और वकील पुत्र असरू निवासी रौनाता शामिल हैं। अभी तक दोनों पीड़ित आरोपियों के चंगुल में हैं।
पीड़ित शौकीन के बहनोई इमरान और रहीश ने बताया कि जब उसने अदालत में अपने सालों को देखा तो उसे कुछ शक हो गया था जिसकी सूचना उसने पिनगवां पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई गौर नहीं किया था। अगर पुलिस गौर करती तो दोनों के अपहरण होने से बचाया जा सकता था। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किए हैं।
पीड़ित आस मोहम्मद की पत्नी अमीना की शिकायत पर गांव रौनोता निवासी 6 लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों पीड़ितों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया जाएगा। अपहरण से पहले किसी आशंका के पर फोन आने की बात गलत है। शमशुदीन, थाना प्रभारी पिनगवां
2013 से चल रहा है विवाद
वर पक्ष के मुताबिक आस मोहम्मद के बेटे की शादी 2013 में पुन्हाना खंड के गांव रानौता निवासी धनपत की लड़की के साथ हुई थी। शादी में वधू पक्ष ने ट्रैक्टर और अन्य सामान दिया था। आरोप है कि शादी के एक साल बीत जाने के बाद भी धनपत ने ट्रैक्टर के न तो कागजात दिए और न ही उसको लड़की या लड़के के नाम कराया। जब इस बारे में धनपत को कहा गया तो वह तैश में आ गया। इसके एक साल बाद वर पक्ष के लोग जब रिश्तेदारी में गए हुऐ थे तभी उनकी अनुपस्थिति में वधू पक्ष के लोग ट्रैक्टर, घर में रख जेवर और अपनी लड़की को रोनौता ले गए। इसके बाद दोनों पक्षों की मामला सुलझाने के लिए पंचायतें चली लेकिन लड़की पक्ष ने थाने में दहेज का मामला दर्ज करा दिया। पिछले चार-पांच साल से पिनगवां मोबाइल कोर्ट में दहेज का मामला दर्ज चल रहा है।
फोटो 1 पीडित आस मोहम्मद, पीडित शौकीन