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पशु चोरी नहीं, पुलिस में भर्ती चचेरे भाई को मारने आए थे हत्यारे

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मवेशी चोरी नहीं, पुलिस में भर्ती चचेरे भाई को मारने आए थे हत्यारे
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ग्रेटर नोएडा। जारचा में बीते दिनों ग्रामीण रतन सिंह की हत्या बढ़ती शान से नाराज उसके सगे भतीजे ने की थी। जबकि मामले में पहले मवेशी चोरों पर हत्या का आरोप लगाया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने सूरजपुर कार्यालय में बुधवार को मामले का खुलासा किया। बताया गया कि आरोपी पुलिस में भर्ती हो चुके रतन सिंह के छोटे बेटे की हत्या के इरादे से आए थे। मामले में जारचा पुलिस और स्टार-2 टीम ने चौना बार्डर के पास से मुख्य आरोपी रोहित और विशाल को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से तमंचा, दो मोबाइल और एक बाइक भी बरामद की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीती 21 अप्रैल को जारचा के खुरशैदपुरा में रतन सिंह को गोली मारी गई थी। गोली रतन के सीने को भेदते हुए एक बदमाश को भी लगी थी। जिससे दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में मारे गए बदमाश की पहचान जयप्रकाश निवासी संगम विहार लोनी गाजियाबाद के रूप में हुई थी। वह ऑटो चलाता था। जांच में पता चला कि गाजियाबाद निवासी विशाल और रोहित जयप्रकाश के साथी हैं। रोहित भी ऑटो चलाता है और विशाल श्मशान घाट पर क्रिया-कर्म करवाता है।
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एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी रोहित के पिता इंद्रपाल और रतन सिंह सगे भाई हैं। रोहित अक्सर पिता से मारपीट करता था, जिसके चलते इंद्रपाल और रतन सिंह ने उसे जायदाद से बेदखल कर दिया था। वहीं, रतन सिंह के छोटे बेटे का चयन पुलिस में हो गया है। इससे रोहित नाराज चल रहा था और घटना वाले दिन वह रतन सिंह के छोटे बेटे को मारने की नियत से गांव आया था। रात करीब तीन बजे घेर में सो रहे रतन सिंह आहट पाकर उनसे भिड़ गया। शराब के नशे में आरोपियों ने गोली चला दी, जो रतन सिंह के साथ जयप्रकाश को भी लगी थी।
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शक न हो इसलिए टोपी पहनकर आए थे आरोपी
घटना वाली रात रोहित जयप्रकाश और विशाल के साथ गांव पहुंचा था। घटना वाले दिन मुस्लिम त्योहार शबे बारात होने के चलते तीनों ने सफेद रंग की टोपी पहन रखी थी। जिससे कोई उन पर शक न करे। हमले के दौरान जयप्रकाश की मौत होने के बाद विशाल और रोहित अपनी टोपियां घटनास्थल पर ही फेंककर फरार हो गए। इससे ग्रामीणों को मवेशी चोरों पर घटना को अंजाम देने का शक हुआ। इस पर उन्होंने हंगामा करते हुए कोतवाली का घेराव भी किया था।
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