हेडिंग: हरेंद्र खड़खड़ी भी मुठभेड़ में हुआ था फरार
सबहेड: बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो के साथ पकड़े गए बदमाशों का मामला
गिरफ्त में आया दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल दस वर्षों से रंगदारी व अवैध वसूली में लगा था
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 क्षेत्र में एसटीएफ की बदमाशों के साथ मुठभेड़ के समय मनोज इमलिया के अलावा गैंगस्टर हरेंद्र खड़खड़ी भी मौजूद था। एसटीएफ दोनों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वहीं, पुलिस की गिरफ्तार में आया जगत सिंह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में हेड कांस्टेबल के रूप में काम करते हुए दस वर्षों से मनोज के साथ मिलकर जिले में रंगदारी और वसूली में लगा था।
एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने मंगलवार शाम मुठभेड़ के दौरान 25 हजार के इनामी पवन बागपुर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ उपाधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों में ग्रेटर नोएडा के दादूपुर गांव निवासी जगत सिंह दिल्ली के दरियागंज क्राइम ब्रांच में हेड कांस्टेबल है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि जगत सिंह दस साल से मनोज के लिए काम कर रहा था। यह गिरोह ग्रेटर नोएडा-नोएडा में फैक्ट्रियों से रंगदारी वसूलता है और जबरन स्क्रैप, पानी, ट्रांसपोर्ट का काम हथियाता है। साथ ही, बड़ी कंपनियों में कार्यरत उच्च पदों पर बैठे विदेशी कर्मचारियों से भी रंगदारी वसूलता था। मनोज इमलिया को जगत सिंह ट्रांसलेटर उपलब्ध कराता था। मनोज का दो साल पहले गैंगस्टर सुंदर भाटी से ठेके को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद वह गिरोह से अलग हो गया था।
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मोती गोयल हत्याकांड में शामिल हैं गिरोह के लोग
मनोज और पवन बागपुर रिश्तेदार हैं। पवन की बहन की रिश्तेदारी मनोज के यहां है। पवन पर हत्या के भी मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, पकड़े गए बदमाश कमल का भाई राहुल कुछ समय पहले मोती गोयल हत्याकांड में भी जेल जा चुका है। वह भी इस गिरोह का सदस्य है। जीतू जय श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी चला रहा है।