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हनी ट्रैप मे फंसाकर पैसे ऐंठने वाला गिरोह महिला समेत गिरफ्तार

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पीएसी का हेड कांस्टेबल चला रहा था हनी ट्रैप गिरोह
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ग्रेटर नोएडा। हनी ट्रैप में फंसाकर पांच लोगों से करीब 30 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। महिला समेत गिरोह के चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला लोगों को प्रेम जाल में फंसाती थी। फिर गिरोह सरगना पीएसी में हेड कांस्टेबल दरोगा की वर्दी पहनकर पीड़ित को धमकाकर मामला खत्म कराने के बहाने रुपये एेंठता था। हेड कांस्टेबल ग्रेटर नोएडा मेट्रो की सुरक्षा में तैनात है। इसके खिलाफ हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र में भी दुष्कर्म का मामला दर्ज है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बुधवार को कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि दादरी कोतवाली पुलिस के पास शिकायत आई थी कि सेक्टर जू-3 निवासी महिला ने दो लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर रुपये ऐंठे हैं। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की स्टार-2 टीम के सुपुर्द की गई। टीम ने दादरी कोतवाली पुलिस की मदद से जांच कर बुधवार को महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान शैदपुर बुलंदशहर निवासी सीमा सिरोही, खदाना थाना आहार बुलंदशहर निवासी अरुण कुमार, डिडोली जोया जिला अमरोहा निवासी विजय सिंह चीमा व सी-277 सेक्टर-36 ग्रेटर नोएडा निवासी पुष्पेंद्र शर्मा के रूप में की गई है। सरगना विजय 49 वाहिनी पीएसी की डी कंपनी गौतमबुद्ध नगर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। जबकि अरुण कुमार इंजीनियर है और सीमा के साथ सहमति संबंध में रहता है। जबकि पुष्पेंद्र शर्मा एक सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 आरडब्ल्यूए का महासचिव है। पुलिस ने आरोपियों से 2,76,550 रुपये, दरोगा की वर्दी, परिचय पत्र और सेंट्रो कार बरामद की है।
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आरडब्ल्यूए महासचिव ढूंढता था शिकार
एसएसपी के मुताबिक, पुष्पेंद्र शर्मा शहर के ऐसे अच्छे पैसे वालों की सूची निकालता था जिन्हें आसानी से जाल में फंसाया जा सके। शिकार की जानकारी निकालकर महिला और गिरोह को बताता था। शिकार के पास सीमा पहले नौकरी मांगने के लिए जाती थी। फिर उन्हें मेसेज व फोटो आदि भेजकर जाल में फंसाती थीं। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के जू-3 सेक्टर में बुलाकर संबंध बनाती थी। इस दौरान अरुण छिपकर उनके अंतरंग फोटो खींचता व वीडियो बनाता था। कुछ देर बाद वह पति बनकर मौके पर पहुंच जाता था। सीमा के कॉल करने पर हेड कांस्टेबल विजय सिंह भी दारोगा की वर्दी पहनकर मौके पर पहुंचकर धमकता था। विजय पीड़ित को कासना थाने ले जाने की धमकी देता था और पैसे देकर समझौता करने का दबाव बनाता था। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता बनकर पुष्पेंद्र शर्मा पुलिस और महिला से समझौते कराने का आश्वासन देकर रुपये वसूल लेते थे। अब तक आरोपियों ने पांच लोगों को जाल में फंसाकर 25 से 30 लाख रुपये ठगे हैं। वहीं, इनके पास मिली सूची से जानकारी मिली है कि आरोपी दस और लोगों को फंसाने के प्रयास में थे।
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