फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉंजी स्कीम, दो हजार लोगों से ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
हेडिंग: बाइक यात्रा व ई-सारथी के नाम पर हजारों लोगों को ठगा
सबहेड: कंपनी बंदकर संचालक फरार, चार स्कीम लाकर बाइक, ई रिक्शा के लिए पैसे
नोएडा आर्थिक अपराध शाखा कर रही मामले की जांच
बुधवार-बृहस्पतिवार को तीन सौ लोग पहुंचे शिकायत करने
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। बाइक बोट कंपनी की तर्ज पर एक और पाेंजी स्कीम लांच कर बाइक यात्रा व ई-सारथी के बहाने हजारों से अधिक लोगों को ठगने का मामला सामने आया है। सेक्टर-57 में चल रही एमआईपी बाइक्स कंपनी के संचालकों ने बाइक व ई-रिक्शा के नाम पर प्रति व्यक्ति से 32 हजार से लेकर 1.24 लाख रुपये तक की ठगी कर ली। बुधवार-बृहस्पतिवार को तीन सौ से अधिक लोग कोतवाली सेक्टर-58 थाने पहुंचे और हंगामा किया। इसके बाद पीड़ितों की शिकायत पर मामले की जांच नोएडा आर्थिक अपराध शाखा (एनईओडब्ल्यू) कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों का आरोप है कि राजेश खंडवाल, नितिन त्यागी, कपिल धामा सहित अन्य लोगों ने अप्रैल में एमआईपी बाइक्स नामक कंपनी बनाई। बाइक बोट की तर्ज पर पहले इन लोगों ने बाइक यात्रा के नाम से स्कीम शुरू की। इसमें 62,100 रुपये जमा करने पर एक साल तक 10,100 रुपये देने का एग्रीमेंट किया गया था। वहीं, 40 हजार रुपये जमा करने पर 5500 रुपये, 32400 रुपये पर पांच हजार और 1.24 लाख रुपये पर 17 हजार प्रति महीने देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद लोग आर्थिक स्थिति व कमाई के लालच में जुड़ गए। करीब दो से तीन महीने तक तो सभी को एग्रीमेंट के मुताबिक पैसे दिए गए। बाद में धीरे-धीरे पैसे देना बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने इसका विरोध किया तो चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी का दफ्तर बंदकर तीनों संचालक अपने साथियों के साथ भाग गए।
विज्ञापन

------------------
बाइक यात्रा के बाद ई सारथी
संचालकों ने ठगी करने के उद्देश्य से ही बाइक यात्रा के नाम से स्कीम शुरू की। जब निवेशकों को पैसे देने बंद कर दिए तो इसे को ई-सारथी का नाम दे दिया। निवेशकों को बताया गया कि ई-सारथी से काफी लोग जुड़ रहे हैं। इससे कंपनी को फायदा होगा। जबकि ठगों का उद्देश्य था कि बाइक यात्रा का नाम बदनाम होने लगा तो ई-सारथी के नाम पर लोगों को अपने साथ जोड़ा जाए।
-------------
इन स्कीम से लोगों को लुभाया
रकम इतनी कमाई का लालच
62100 10100 प्रति माह, एक वर्ष तक
40000 5500 प्रति माह, एक वर्ष तक
1.24 लाख 17 हजार प्रति माह, 15 महीने
32400 5 हजार प्रति माह, एक वर्ष तक
----------------------
11 महीने तक लूटा और फिर भागे
अप्रैल में कंपनी का कार्यालय सेक्टर-62 के कोरेंथम बिल्डिंग में था। 11 जनवरी को इसका ऑफिस सेक्टर-57 में आ गया। इसके बाद कंपनी संचालकों ने स्कीम के बारे में विज्ञापन देना शुरू किया। लोगों से ऑनलाइन संपर्क किया। अगस्त तक सैकड़ों लोग इनसे जुड़ गए और काम शुरू हो गया। नवंबर तक इधर-उधर करके पैसे दिए गए। इसके बाद निवेशकों को पैसे देना बंद कर दिया। जब निवेशकों ने कंपनी दफ्तर में हंगामा शुरू किया तो पोस्ट डेटेड चेक देकर चुप कराया, लेकिन सभी चेक बाउंस होते गए। 27 मार्च को सैकड़ों निवेशकों को कंपनी दफ्तर बुलाया गया था, लेकिन संचालक फरार हो गए।
-----------------
इन लोगों की गई जिंदगी भर की कमाई
----------------
जिंदगी भर की कमाई चली गई। अच्छा बिजनेस समझकर 20 बाइक के लिए करीब 12 लाख रुपये लगाए। सारा पैसा डूब गया।
- कृपाशंकर चौबे, बलिया
----------------
40 बाइक के नाम पर करीब 20 लाख रुपये निवेश किए। शुरू के तीन महीने तक तो अच्छी आमदनी हुई। अब पैसा डूब गया।
- रवि पांडेय, बलिया
------------------
अच्छी स्कीम समझकर 3 लाख 76 हजार रुपये लगाए, लेकिन पैसा डूब गया। आगे क्या होगा पता नहीं। पुलिस से सहयोग करने की प्रार्थना कर रहा हूं।
- राजीव रंजन, कोतवाली सेक्टर-58 थाने में मिले
------------
कंपनी ने ई-रिक्शा चलवाने के नाम पर भी लोगों से 1.24 लाख रुपये ले लिए। रोजगार के लिए मैंने ई-रिक्शा के नाम पर पैसे लगाए, जो अब डूब गए
- मोहम्मद एजाज
-----------------------
नोएडा पहले भी हुआ है बदनाम
पोंजी स्कीम के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने का यह पहला मामला नहीं है। नोएडा तब सुर्खियों में आया था। जब वर्ष 2016 में एब्लेज इंफो के नाम पर अनुभव मित्तल व उनके संबंधियों ने करीब 3800 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। मामले की जांच स्पेशल टीम कर रही है। अनुभव मित्तल व अन्य डायरेक्टर जेल में हैं, लेकिन निवेशकों के पैसे वापस नहीं किए गए। कुछ महीने पहले बाइक बोट के नाम पर ठगी का मामला सामने आया था।
विज्ञापन

------------------
बाइक यात्रा व ई-सारथी के नाम पर ठगी की बात सामने आई है। इसकी जांच नोएडा ईओडब्ल्यू को दी गई है। जांच के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें