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दो करोड़ के मोबाइल बरामद, तीन गिरफ्तार

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दो करोड़ के मोबाइल बरामद, तीन गिरफ्तार
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ओप्पो कंपनी के वेयर हाउस ले जाने के दौरान 1470 मोबाइल चोरी का मामला, फोटो से खुली वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। कासना कोतवाली पुलिस ने ओप्पो कंपनी से सूरजपुर वेयरहाउस ले जाने के दौरान 1470 मोबाइल चोरी की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर 1240 मोबाइल फोन और 44,400 रुपये बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई गई है। अभी चालक समेत दो आरोपी फरार हैं और 230 मोबाइल बरामद होने बाकी हैं। आरोपियों के सभी दस्तावेज फर्जी थे। कंपनी से मिले फोटो की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची है।
एसपी देहात विनीत जायसवाल और सीओ श्वेताभ पांडे ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित ओप्पो कंपनी से 1 मई को एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चालक बसंत 10 हजार से अधिक मोबाइल लेकर सूरजपुर वेयर हाउस के लिए निकला था। ट्रक में जीपीएस लगा था और उसकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। इसकी जानकारी आरोपियों को थी। आरोपी कम से कम समय में अधिक से अधिक माल चोरी करना चाहते थे। उन्होंने लिग्रांड होटल के पास ट्रक रोककर 1470 मोबाइल के 147 डिब्बे चोरी कर लिए। घटना की रिपोर्ट ट्रांसपोर्ट संचालक ने दर्ज कराई थी।
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कासना कोतवाली प्रभारी अजय कुमार और एडब्ल्यूएचओ चौकी प्रभारी कोमल कुंतल की पड़ताल में पता चला कि चालक ने ट्रांसपोर्ट संचालक को अपना फर्जी नाम-पते का पहचान पत्र दिया था? उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी था। इससे पुलिस उलझ गई। पुलिस ने कंपनी से माल निकालने के दौरान आरोपी के फोटो लिए। इसके बाद मोबाइल नंबर आदि के लिए दिए गए फोटो निकलवाए। मशक्कत के बाद आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने देवेद्र निवासी गांव घोड़ी बछेड़ा, फिरोज खान लिसाड़ी गेट मेरठ, अलीमुद्दीन देहली गेट मेरठ को गिरफ्तार किया है। चालक राघवेंद्र निवासी प्रतापपुर कानपुर और शरद गोस्वामी ब्रह्मपुरी मेरठ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की धाराएं भी शामिल कर ली हैं।
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सेक्टर-58 से लूट चुके हैं टायर भरा ट्रक
एसपी ने बताया कि देवेंद्र गिरोह का सरगना है। वह चालक राघवेंद्र के साथ मिलकर ऐसी ही वारदात करते हैं। मोबाइल चुराने के लिए देवेंद्र ही पिकअप लेकर आया था। अन्य दो आरोपी चोरी के मोबाइल खरीदकर ठिकाने लगाते थे। दो फरवरी को सेक्टर-58 में इन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर ट्रक लूटा था। राघवेंद्र ट्रांसपोर्ट कंपनी पर काम करने से पहले अन्य स्थानों पर भी एक-एक दिन काम कर रेकी कर चुका था। कीमती सामान न मिलने के कारण उसने वहां वारदात नहीं की। उसने एक माह पहले ही ट्रांसपोर्ट पर नौकरी शुरू की थी।
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