डिंगरहेड़ी दोहरा हत्याकांड व सामूहिक दुष्कर्म मामला
सीबीआई के दोहरे चरित्र से नाराज पीड़ित पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सुनवाई आज
तावडू । डिंगरहेड़ी दोहरे हत्याकांड व सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपियों को उच्च न्यायालय से मिली अंतरिम जमानत व केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके खिलाफ सबूत न पेश किए जाने से आक्रोशित पीड़ित पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की अगली सुनवाई अदालत में शुक्रवार (आज ) को होगी। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष की पैरवी वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद करेंगे।
जिला नूंह बार के वरिष्ठ वकील नुरुद्दीन नूर का आरोप है कि केस की जांच कर रही सीबीआई दोहरा चरित्र अपना रही है। सीबीआई की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ सीबीआई ने स्वयं आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश करने की बजाय बार-बार समय मांग रही है। इससे सीबीआई की कार्यशैली संदेह के घेरे में है। सीबीआई के इस दोहरे रवैये से नाराज पीड़ित पक्ष ने न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित परिवार के सदस्य जुहरुदीन का कहना है कि न्यायपालिका पर उन्हें पूरा यकीन है और उम्मीद है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
24/25अगस्त, 2016 को गांव डिंगरहेड़ी के जंगल में रहने वाले एक परिवार के साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया। इस दौरान परिवार की दो महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म व एक दंपति की हत्या भी कर दी गई थी। इस मामले में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने निकटवर्ती गांव मोहम्मदपुर अहीर नंदू की ढाणी के चार युवकों को आरोपी बनाया था। उसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सबूतों के अभाव में उच्च न्यायालय ने आरोपियों को 7 मार्च को 6 सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी थी। सीबीआई द्वारा समय पर जवाब दाखिल न करने पर आरोपियों को उच्च न्यायालय द्वारा गत 17 अप्रैल को आगामी 6 सप्ताह के लिए दोबारा अंतरिम जमानत दे दी गई है।