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शातिर कार लुटेरे और दिल्ली का कबाड़ी गिरफ्तार

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चंद घंटों में ही लूटी गई कार को बना देते थे कबाड़
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ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-1 थाना पुलिस ने दो कार लुटेरों समेत दिल्ली के एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। हाथरस के भरतपुर गांव निवासी जितेंद्र और देवेश कार लूटने के बाद दिल्ली के राजौरी गार्डन निवासी कबाड़ी सर्वजीत को 50 हजार रुपये में बेच देते थे। सर्वजीत चंद घंटों में कार के पार्ट अलग कर उन्हें दिल्ली के बाजार में बिक्री करता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 13 मई को लूटी गई कैब का स्क्रैप भी बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ठेकेदार किसी को अपना मोबाइल नंबर नहीं देता। वह लुटेरों से दिल्ली के मायापुरी में तड़के तीन से पांच बजे के बीच मुलाकात कर सौदेबाजी करता है।
एसपी देहात विनीत जायसवाल और सीओ ग्रेटर नोएडा द्वितीय ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने 13 मई की रात मथुरा से एक कैब दिल्ली स्थित रोहिणी के लिए बुक कराई थी। रास्ते में चालक को यमुना एक्सप्रेसवे पर ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र में फेंक दिया था और कैब लूटकर फरार हो गए थे। ईकोटेक-1 थाना प्रभारी मुकेश कुमार और सर्विलांस की टीम बदमाशों की तलाश में जुटी थी। जांच में पता चला कि जिस मोबाइल से कैब की बुकिंग कराई गई थी, वह फर्जी आईडी पर एक नाबालिग के नाम था। इसके बाद पुलिस ने मामले में सुराग तलाशने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की। साथ ही लूटी गई कार के पार्ट व स्क्रैप बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों से लूट के मोबाइल भी बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि कबाड़ी सर्वजीत मायापुरी में कबाड़े का काम करता था और बाद में उसने चंद्र विहार में गोदाम शिफ्ट कर लिया था। आरोपियों ने फेस-3 से भी एक कैब लूटने की कोशिश की थी। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
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कई लोगों से करनी पड़ी पूछताछ
कैब लूटने की घटना प्रकाश में आने के बाद पुलिस को लग रहा था कि जिस नंबर से कार बुक कराई गई है। उसके आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पड़ताल में सिम के नाबालिग के नाम निकला। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने सड़क किनारे सिम बेचने वाले को आईडी दी थी, लेकिन सिम नहीं खरीद पाया था। पुलिस ने विक्रेता से पूछताछ की तो बताया कि उसने एक रिटेलर को सिम वापस कर दिया था। रिटेलर से पूछताछ में थोक विक्रेता का नाम सामने आया। थोक विक्रेता से जानकारी मिली कि उसके यहां काम करने वाला एक लड़का सिम ले गया था। इस पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तब जानकारी मिली कि जितेंद्र व देवेश ने लड़कियों से बात करने के लिए उससे सिम मांगा था। उसने दोनों को सिम बेचा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हो गया।
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गली बॉय फिल्म देख कैब चालक व वेटर करने लगे लूट
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जितेंद्र कैब चालक है जबकि देवेश एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी करता था। आरोपियों ने गली बॉय फिल्म देखी थी। अधिक धन जुटाने के लिए फिल्म की तरह गाड़ी लूटकर बेचने लगे।
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सर्विस कराते समय भी बरतें सावधानी : एसपी देहात
एसपी देहात विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने बुधवार को एक कार चुराने वाले डाक्टर को गिरफ्तार किया था। पड़ताल में पता चला कि आरोपी डाक्टर मेरठ के एक बड़े गिरोह के संपर्क में था। ये गिरोह सर्विस सेेंटर में आने वाली कार की डुप्लीकेट चाबी बनाकर उसमें जीपीएस लगा देता था। कुछ दिन बाद जीपीएस की मदद से लोकेशन पता लगाकर कार चोरी कर लेता था। ऐसे में लोगों को कार की सर्विस कराते समय भी सावधान रहने की जरूरत है।
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