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डीपीएस ग्रेनो प्रबंधन को मिल सकती है क्लीन चिट

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डीपीएस ग्रेनो प्रबंधन को मिल सकती है क्लीन चिट
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- साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म का मामला
- जांच अधिकारी ने निर्दोष बताकर भेजी सीओ कार्यालय में रिपोर्ट
- सीओ ने कुछ बिंदुओं पर एतराज जताकर, गहनता से जांच को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। गामा सेक्टर स्थित डीपीएस में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रबंधन को क्लीन चिट मिल सकती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच अधिकारी महिला थाना प्रभारी सीता कुमारी ने मामले की जांच पूरी कर सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम निशांक शर्मा को रिपोर्ट भेज दी है। जांच अधिकारी का कहना है कि उनकी विवेचना में प्रबंधन का कोई दोष नहीं मिला है। वहीं, सीओ ने रिपोर्ट की कुछ बिंदुओं पर एतराज जताकर मामले की गहनता से जांच करने को कहा है।
9 अक्तूबर को पीड़ित परिजन की याचिका पर डीपीएस में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने एसएसपी गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन में जांच चार सप्ताह में पूरी करने का आदेश दिया था। इससे पहले 31 अगस्त को हाईकोर्ट ने इस केस से नाम निकालने की प्रिंसिपल की अर्जी को खारिज कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
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इस बीच मामले की जांच कर रही सूरजपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक बोबेश धीमान का स्थानांतरण बिसरख कोतवाली में हो गया। इसके चलते मामले की जांच महिला थाना प्रभारी सीता कुमारी को दे दी गई। अब, महिला थाना प्रभारी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सीओ को भेज दी है। रिपोर्ट में प्रबंधन को निर्दोष माना गया है।

ये है पूरा मामला
12 जुलाई को सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित डीपीएस स्कूल में साढ़े तीन वर्ष की बच्ची से स्वीमिंग पूल में तैराकी सीखने के दौरान दुष्कर्म किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अगले दिन मामला दर्ज कराया गया था। 14 जुलाई को इस मामले में स्वीमिंग पूल के लाइफ गार्ड चंडीदास को जेल भेज दिया गया। परिजन के आरोप और पुलिस की शिकायत में इस मामले में प्रबंधन की भी लापरवाही सामने आई। इसके चलते पुलिस ने प्रिंसिपल व शिक्षिका का नाम भी केस में पॉस्को एक्ट की धारा के अंतर्गत शामिल करने का दावा किया। इसके बाद से परिजन प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे और कार्रवाई में देरी पर हाईकोर्ट चले गए थे।

कोट
इस मामले में जांच पूरी कर ली गई है। मेरी विवेचना में प्रबंधन का कोई दोष नहीं मिला है। रिपोर्ट सीओ कार्यालय में भेज दी गई है।- सीता कुमारी, महिला थाना प्रभारी, गौतमबुद्ध नगर
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जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं पर ऐतराज जताया गया है। इन बिंदुओं पर गहनता से जांच के लिए निर्देशित किया गया है। - निशांक शर्मा, सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम
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