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नाबालिग इंजीनियर के घर से मुक्त कराई गई

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दिल्ली महिला आयोग ने इंजीनियर के घर से
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नाबालिग को कराया मुक्त
-परिवार से नहीं करने दी जाती थी बात, घरेलू नौकरानी के रूप में रखा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका मोड़ स्थित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के घर से दिल्ली महिला आयोग ने एक नाबालिग लड़की को मुक्त कराया है। बिहार की 11 वर्षीय लड़की को वहां घरेलू नौकरानी के रूप में रखा गया गया था। बच्ची को परिवार वालों से बातचीत करने नहीं दी जाती थी। बच्ची के बयान के आधार पर जेजे एक्ट के अंतर्गत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
दिल्ली महिला आयोग की 181 महिला हेल्पलाइन पर एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि पड़ोस से रोजाना एक लड़की के चीखने की आवाज आती थी। महिला एक दिन बच्ची से बात करने में सफल रही। बच्ची ने उसे बताया कि उसे जबरदस्ती घरेलू काम करवाया जाता है और मारपीट की जाती है। यह शिकायत मिलने पर आयोग की टीम द्वारका मोड़ स्थित पते पर पहुंची। वहां पहुंच कर टीम ने पाया कि 11 साल की बच्ची छह माह से काम कर रही है। बच्ची ने टीम को बताया कि उसकी मालकिन उसको पीटती थी और उससे घर का सारा काम करवाती थी।
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आयोग की टीम की ओर से उसे बचाने का प्रयास करने पर मालिक ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद आयोग ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस की मदद से बच्ची को छुड़वाया गया। बच्ची को उत्तम नगर पुलिस थाने ले जाया गया। लड़की का चिकित्सीय परीक्षण के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां से उसको शेल्टर होम भेज दिया गया। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि बच्चियों के साथ उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों से कुछ भी गलत घटित होने पर उसकी सूचना दिल्ली महिला आयोग को देने की अपील की।
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