दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बेरोजगार युवकों के साथ ठगी करने वाले एक गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगार युवकों को भारतीय सेना, भारतीय रेल व ओएनजीसी में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देता था। ये बाकायदा फिजिकल टेस्ट व मेडिकल टेस्ट दिल्ली कैंट इलाके में करवाता था और फर्जी नियुक्ति पत्र भी भेजता था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। ठगी करने वाले इस गिरोह के पांच सदस्य पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
डीसीपी डा जी रामगोपाल नायक के अनुसार अपराध शाखा में बीते 3 मई को ठगी का मामला दर्ज हुआ था। चरखी दादरी हरियाणा निवासी सुधीर ने शिकायत में बताया कि सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे कुछ लोगों ने पांच लाख रुपये ठग लिए हैं। अन्य युवकों के साथ भी ठगी हुई है। आरोपियों ने उसका फिजिकल टेस्ट सहित दिल्ली कैंट इलाके में आर्मी के बेस अस्पताल में मेडिकल टेस्ट व साक्षात्कार भी कराया।
उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया गया। जांच के बाद अपराध शाखा ने झज्जर, हरियाणा निवासी अमित कुमार, चरखी दादरी निवासी सुनील कुमार, प्रदीप, देवेंद्र और चरखी दादरी निवासी संदीप को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना योगेंद्र उर्फ बंटी (39) है। वही ठगी की रकम में से सबसे ज्यादा हिस्सा लेता था और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करता था।
दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इंस्पेक्टर कैलाश चंद्र की टीम ने आरोपी को 11 अक्तूबर को हरिद्वार, उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया। यहां पर ये भगवा कपड़ों में गंगा किनारे घूम रहा था।
जेल से बाहर आकर करने लगा ठगी
दसवीं पास योगेंद्र शुरू में पहलवान बनना चाहता था, मगर ये गलत संगत में पड़ गया। ये हत्या करने के आरोप में वर्ष 2004 में भिवानी, हरियाणा में गिरफ्तार हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद ये ठगी करने लगा और अपना गिरोह बनाया। इसके खिलाफ आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने इसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने इसके कब्जे से नौ मोबाइल फोन, 19 सिमकार्ड व ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली कार बरामद की है।