नोट : गाजियाबाद, यूपी के लिए उपयोगी.....
सुपारी देकर बेटे ने करवाई थी पिता की हत्या
- पुलिस ने बेटे व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया
- पांच लाख रुपये में दी थी सुपारी, वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइक बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पिता की हत्या के आरोप में बेटे व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पूरा व्यवसाय हड़पने के लिए बेटे ने ही दो लोगों को पांच लाख की सुपारी देकर पिता की गाजियाबाद, यूपी में हत्या करवाई थी। मामले में पुलिस ने मजलिस पार्क आजादपुर में घेराबंदी कर आरोपी बेटे गौरव और विशाल व सादिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइक भी बरामद की हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. अजीत सिंगला के अनुसार केमिकल व्यवसायी अनिल खेड़ा मॉडल टाउन, दिल्ली में परिवार के साथ रहते थे। 21 मई को वह बिजनेस मीटिंग के लिए गाजियाबाद यूपी के औद्योगिक एरिया राजेंद्र नगर में गए थे। शाम 5 बजे मीटिंग के बाद फैक्टरी से निकले तो दो बाइक सवारों ने उन पर गोलियां बरसा दी थीं। गोली काफी नजदीक से मारी गई थीं। अनिल खेड़ा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। साहिबाबाद, गाजियाबाद यूपी थाने में मामला दर्ज किया गया था। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसीपी अरविंद यादव की देखरेख में इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सूचना के बाद मजलिस पार्क आजादपुर में घेराबंदी कर गौरव खेड़ा, विशाल और सादिक को पकड़ लिया। सादिक की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल दो बाइक बरामद की गई हैं।
पूछताछ में पता लगा कि गौरव खेड़ा पिता से नफरत करता था। जुआ व सट्टा खेलने का आदि होने के कारण उस पर काफी कर्जा हो गया था। अनिल खेड़ा ने बेटे गौरव को पैसे देने से मना कर दिया। साथ में उसे थप्पड़ भी जड़ दिए थे। ऐसे में गौरव ने पिता की हत्या की साजिश रच डाली। उसने दोस्त विशाल गर्ग के जरिए उसके दोस्त शमशेर व सादिक को पिता की हत्या की सुपारी पांच लाख रुपये में दी। गौरव ने विशाल को पिता के व्यवसाय में 25 फीसदी हिस्सेदारी देने का वादा किया था। शमशेर अभी फरार है।
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- व्हाट्स एप पर दी थी हत्या की सूचना
अनिल खेड़ा की हत्या करने के बाद शमशेर व सादिक ने गौरव को व्हाट्स एप पर सूचना दी थी। वारदात के चार दिन बाद गौरव ने शमशेर को पांच लाख रुपये दे दिए थे। शमशेर ने सादिक को सिर्फ 50 हजार रुपये दिए थे। ऐसे में सादिक, गौरव को और पैसे देने को लेकर धमकाने लगा। सादिक उर्फ सुभान खान(22) लोनी, यूपी का रहने वाला है। वह अपने घर पर ही मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता था। विशाल गर्ग मजलिस पार्क का निवासी है और आजादपुर में कृष्णा रेजीडेंसी नाम से होटल चलाता है।