अलीगढ़ के लिए
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किशोरी के अपहरण में दंपती समेत तीन बरी
ग्र्रेटर नोएडा। किशोरी के अपहरण के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश शिवानी जायसवाल ने महिला, उसके पति व भाई को बरी कर दिया है। महिला वर्ष 2012 में दो माह के बच्चे के साथ एक माह तक जेल में रही थी। जबकि किशोरी को पुलिस ने उसके मूल निवास अलीगढ़ से बरामद किया था। अदालत ने तीनों को शक और साजिश के तहत नामजद कराना मानते हुए बरी किया है। फैसला सुनते ही महिला कोर्ट में ही फफक पड़ी। अधिवक्ता सीपी गौतम ने बताया कि वर्ष 2012 में कुलेसरा गांव में किराये पर रहने वाली किशोरी संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। पिता ने मकान में किराये पर रहने वाले मनोज उसकी पत्नी प्रियंका व राहुल के खिलाफ अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रियंका का बच्चा दो माह का था, तब उसे जेल भेज दिया गया। एक माह तक बच्चे के साथ जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिली।