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यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ का घोटाला
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हेडिंग: चार्जशीट दाखिल होते ही पीसी गुप्ता ने हाईकोर्ट में डाली बेल याचिका
सबहेड: घोटाले की जांच में छह कंपनियों के नाम भी आए सामने
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 126 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले के मामले में पुलिस के मेरठ भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पूर्व सीईओ व सेवानिवृत्त आईएएस पीसी गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होते ही हाईकोर्ट में बेल याचिका डाल दी है। वहीं, इसकी जानकारी लगते ही पुलिस याचिका खारिज कराने के लिए पर्याप्त सबूत जुटाने में जुट गई है। पुलिस की जांच में घोटाले में छह नई कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके नाम से जमीन खरीद-फरोख्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, पुख्ता सबूत एकत्रित कर हाईकोर्ट में पेश करने की तैयार की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि पीसी गुप्ता को जमानत नहीं मिले और याचिका खारिज हो जाए। वहीं, चार्जशीट तैयार करने और जांच के दौरान पुलिस को बड़ी जानकारी यह मिली है कि नामजद आरोपियों के रिश्तेदार व करीबियों के अलावा घोटाले की जमीन खरीद-फरोख्त में छह कंपनियां और शामिल थीं। इनको भी पुलिस ने नोटिस भेजा है, लेकिन वहां से अभी तक पुलिस को ठोस जवाब नहीं मिला है। ये कंपनियां भी नामजद आरोपियों के करीबियों की ही हैं।
एफआईआर की सभी धाराओं में पेश की है चार्जशीट : सीओ
सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि पीसी गुप्ता के खिलाफ 3543 पेज की चार्जशीट पेश की गई है। चार्जशीट के छह सेट तैयार कराए गए हैं। चार्जशीट दाखिल होते ही पीसी गुप्ता की तरफ से हाईकोर्ट में बेल याचिका भी डाल दी गई है। अब हाईकोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य पेश किए जाएंगे। जिन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच में वह आरोप सही पाए गए हैं। इससे सभी धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।