29 मई को हिसार निवासी चित्रकार रणधीर सिंह की एनटीपीसी सोसायटी में कथित प्रेमिका के घर के बाहर जलकर मौत के मामले में पुलिस तीन माह में भी कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को जांच व कार्रवाई के लिए ई-मेल किया है। वहीं, परिजनों ने दावा किया है कि रणधीर की मौत का राज उसके मोबाइल पर की गई कॉल में छिपा है और यह कॉल एक पुलिसकर्मी की है।
हिसार के जयदेव नगर निवासी श्याम सिंह के मुताबिक, बेटे रणधीर की पहचान एक सिंगिंग ऐप से एनटीपीसी सोसायटी निवासी महिला से हुई थी। महिला का पति से विवाद चल रहा था और अलग रहती थी। महिला और रणधीर विवाह करना चाहते थे, लेकिन किसी तीसरे से संपर्क रखने से दोनों का विवाद हो गया। इसकी शिकायत महिला ने कासना कोतवाली पुलिस से की। इसके बाद रणधीर का काफी उत्पीड़न हुआ।
इसका जिक्र उसके सुसाइड नोट में है। सुसाइड नोट मौत से एक दिन बाद पोस्ट होने से पुलिस सकते में है, लेकिन परिजनों ने दावा किया है कि रणधीर के मोबाइल पर 28 मई की रात साढ़े 11 बजे जो अंतिम कॉल हुई है। वह एक पुलिसकर्मी की है और उसे रणधीर की मौत का पूरा राज पता है। इसके बावजूद पुलिस ने तीन माह से मामले को दबा रखा है। अब, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के डीजीपी को किए गए ई-मेल करने के बाद पुलिस कार्रवाई करती है या नहीं ये देखने वाली बात होगी।