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कर्मचारी की हत्या पर किया ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर लगाया जाम

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कर्मचारी की हत्या पर भड़के, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर लगाया जाम
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समझौता नामा लिखवाकर बिना मेडिकल कराए वापस भेजा, दरोगा निलंबित
15 मिनट में जाम खुलवाकर पुलिस ने दर्ज की पांच लोगों पर एफआईआर

अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। गांव अटाई मुरादपुर में रविवार शाम को एक पक्ष के हमले में घायल केंद्रीय कृषि मंत्रालय के कर्मचारी ने पुलिस की लापरवाही से सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। झगड़े के बाद पीड़ित थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा था, लेकिन समझौता नामा लिखवाकर बिना मेडिकल कराए ही उसे वापस भेज दिया गया। मौत की सूचना पर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने लापरवाह दरोगा रामपाल सिंह को निलंबित कर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह की भूमिका के भी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र के अटाई मुरादपुर गांव निवासी मनवीर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि रविवार शाम लगभग साढ़े छह बजे वह दनकौर मार्ग पर टहलने गया था। इसी दौरान अमरपुर गांव निवासी आजाद व उसका भाई राहुल रास्ते में मिल गए। आरोप है कि दोनों भाई मनवीर से गाली गलौच करने लगे। आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला कर मोबाइल छीन लिया।
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मनवीर ने चाचा के लड़के सुबोध को कॉल कर दी। कुछ ही देर में कृषि मंत्रालय में मल्टी टास्क स्टाफ उसके चाचा जगपाल (49) और अन्य परिजन पहुंच गए। उधर, आरोपियों के साथी रजत, उसका भाई मोहित व उनके पिता धन्नी भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों में मारपीट हुई। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष ने मनवीर पक्ष पर हमला कर दिया। सिर में धारदार हथियार से हमले के कारण जगपाल गंभीर रूप से घायल हो गए।

फोन करने पर भी नहीं पहुंची पुलिस
जगपाल के परिजनों का आरोप है कि हमले के बाद उन्होंने यूपी-100 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची। कॉल करने पर कहा गया कि दूसरा पक्ष थाने पहुंच गया है, तुम भी थाने पहुंच जाओ। इसके चलते वह जगपाल को लेकर स्वयं रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोपी पीड़ित पक्ष और पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के दबाव में आकर मनवीर पक्ष से समझौता नामा लिखवाकर वापस भेज दिया। सुबह जब जगपाल समय से नहीं जगे, तो परिजन कैलाश अस्पताल ले गए, यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना भी यूपी-100 पर तीन बार कॉल की गई, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची, तो परिजनों ने पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर शव ले जाकर जाम लगा दिया। 15 मिनट बाद पुलिस ने जाम खुलवा दिया।
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जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपी
जब दोनों पक्ष थाने पहुंचे, तो उस दौरान दरोगा रामपाल सिंह वहां मौजूद थे। उन्होंने दोनों पक्षों से बात कर समझौता करा दिया और भेज दिया। इसके चलते जगपाल का मेडिकल नहीं कराया गया। जाम की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। जाम खुलवाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-पीयूष कुमार सिंह, सीओ, ग्रेटर नोएडा-द्वितीय


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