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सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी

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सरकारी नौकरी के नाम पर दो बहनों से साढ़े चार लाख की ठगी
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- कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने महिला पर किया ठगी का मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब साढ़े चार लाख की ठगी व फर्जीवाड़े के मामले में एक महिला पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपी महिला ने एसडीएम कार्यालय में दो बहनों को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की घूस ली और फर्जी पावती पकड़ा दी। तीस हजारी अदालत के महानगर दंडाधिकारी चंद्र मोहन ने नजमा की शिकायत पर जागृति नामक महिला पर धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े से संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने का निर्देश थाना सराय रोहिल्ला पुलिस को दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पेश शिकायत में जनकपुरी निवासी महिला नजमा ने बताया कि उसे व उसकी बहन शबनम को जागृति ने बताया था कि वह स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) कार्यालय में काम करती है। मार्च 2017 में बताया कि एसडीएम रामपुरा कार्यालय में दो कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती निकली हैं और वह उनकी भर्ती करवा देगी। इसके लिए एक नौकरी के 2.5 लाख देने होंगे। उसे केवल 20 हजार रुपये मिलेंगे और बाकी पैसा बड़े अफसरों को दिए जाएंगे। नजमा व बहन शबनम ने जागृति को एसईएम कार्यालय की लाइब्रेरी के पास तीन बार में 4.40 लाख रुपये दिए।
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जागृति ने 10 अक्तूबर 2017 को नजमा को एक पावती देकर कहा कि दूसरी पावती कुछ समय के बाद दे देगी और कहा कि वह 13 अक्तूबर को रामपुरा कार्यालय में उससे मिलें। जब पीड़िता वहां पहुंची तो जागृति ने कहा कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती में कुछ दिक्कत हो गई है। इसलिए बाद में फोन कर बताएगी कब ज्वाइनिंग के लिए आना है। इसके बाद नजमा व उसकी बहन अप्रैल 2018 में अपनी रसीदें लेकर रामपुरा कार्यालय पहुंची तो वहां उन्हें बताया गया कि रसीद नकली हैं और ऐसी कोई नौकरी निकली ही नहीं थी।
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