दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट करने वाले पांच बदमाश गिरफ्तार
- 16 जुलाई को न्यू उस्मानपुर इलाके में गोलियां चलाकर कारोबारी से लूटे 11 लाख रुपये
- पुलिस ने 1.60 लाख रुपये, दो बाइक, चार तमंचे व एक पिस्टल बरामद की
- आरोपी आबिद मोटा के खिलाफ हत्या और लूट के 15 मामले दर्ज, एक अन्य पर 15 हजार का इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट करने वाले गैंग के पांच बदमाशों को उत्तर-पूर्वी जिले के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने दबोचा है। आरोपियों की पहचान आबिद उर्फ मोटा (28), आरिफ उर्फ राजू (34), अनिल (27), आसिफ उर्फ नाजिम (23) और सलमान (26) के रूप में हुई है। गैंग 16 जुलाई को न्यू उस्मानपुर इलाके में कारोबारी से 11 लाख रुपये लूट चुका है। इनके पास से लूट के 1.60 लाख रुपये, दो बाइक, चार तमंचे, एक पिस्टल व 12 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी से लूटपाट के 10 मामले सुलझाने का दावा कर रही है। मूलरूप से बरेली का रहने वाला अनिल जहानाबाद, पीलीभीत में लूटपाट के एक मामले में शामिल था। यूपी पुलिस ने अनिल पर 15 हजार रुपये इनाम भी रखा है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 16 जुलाई को साढ़े चार पुश्ता पर बदमाशों ने कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल और उनके सहयोगी सुशील कुमार से 11 लाख रुपये लूट लिये थे। एसीपी गजेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर विनय त्यागी की टीम को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता चला कि वारदात के पीछे आबिद मोटा के गैंग का हाथ है। इस बीच रविवार शाम को सूचना के बाद सोनिया विहार से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न्यू उस्मानपुर लूट में हाथ होने की बात कबूल कर ली।
आबिद ने बताया कि दो साल पूर्व वह जेल से छूटा था। बाहर आते ही उसने लूटपाट के लिए अपना गैंग बना लिया। इस बीच उसकी पहचान बदमाश कमल उर्फ बिल्ला से हो गई। कमल की मुखबिरी के आधार पर आबिद व उसके गैंग ने 16 जुलाई को लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के रुपयों से हथियार खरीदे गए। पूछताछ के दौरान आबिद ने बताया कि सोमवार को यह लोग चांदनी चौक में एक बड़े हवाला कारोबारी के यहां तीन करोड़ की लूट को अंजाम देने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आबिद के खिलाफ हत्या और लूटपाट 15 मामले दर्ज हैं, वह कई मामलों में भगोड़ा भी घोषित किया हुआ है।