बुजुर्ग व्यवसायी ने दफ्तर वापस
दिलाने के लिए लगाई गुहार
- वक्फ बोर्ड की संपत्ति में किराये पर ले रखा था दफ्तर
- कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिया रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एक बुजुर्ग व्यवसायी ने धार्मिक स्थल पर अपना दफ्तर व कीमती सामान वापस दिलाने के लिए अदालत की शरण ली है। व्यवसायी का आरोप है कि कुछ लोगों ने आपराधिक तत्वों के साथ मिलकर उसके कार्यालय में अनाधिकृत प्रवेश कर लिया है। इसके अलावा इन लोगों ने धार्मिक स्थल पर भी कब्जा कर लिया है।
पटियाला हाउस अदालत की महानगर दंडाधिकारी भावना कालिया ने व्यवसायी की ओर से दायर शिकायत पर थाना मंदिर मार्ग पुलिस से 28 अगस्त 2018 तक जवाब मांगा है। व्यवसायी की ओर से यह शिकायत उसके बेटे अधिवक्ता अर्पित भार्गव ने दायर की है। शिकायत में कहा गया है कि पीड़ित ने 2003 दिल्ली वक्फ बोर्ड से कनॉट प्लेस स्थित दरगाह शाह अब्दुल सलाम की पहली मंजिल पर किराये पर दफ्तर लिया था। इसका किराया दरगाह के मुतवल्ली (केयर टेकर) मोहम्मद उमर फरीदी को दिया जाता है। फरीदी की चार मई को मृत्यु हो गई थी।
आरोप है कि इसके बाद फरीदी की पत्नी व बेटी ने अन्य सात लोगों के साथ मिलकर पीड़ित की पहली मंजिल पर ताला तोड़कर दफ्तर पर कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके करीब 10 लाख रुपये, कई कीमती सामान व दस्तावेज गायब हैं।
पीड़ित के पुत्र ने बताया पीसीआर पर 12 मई को थाना मंदिर मार्ग में शिकायत दी थी। इसके बाद उसके पिता खुद 20 मई को भी अपना बयान पुलिस के समक्ष दे चुके हैं। इतना नहीं पुलिस आयुक्त को भी इस बाबत ई मेल से शिकायत दी जा चुकी है। आयुक्त ने इस शिकायत को विजिलेंस विभाग को जांच के लिए भेजा था, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।