150 नए आरोपी एसटीएफ के रडार पर
ग्रेटर नोएडा। नामी कंपनियों का डाटा चोरी करके सैकड़ों लोगों से ढाई सौ करोड़ के फर्जीवाड़े के मामले में एसटीएफ ने गहन पड़ताल शुरू कर दी है। एसटीएफ ने 150 नए आरोपियों को चिह्नित कर लिया है। इनमें कॉल सेंटर चलाने वाले वाले, डाटा चोरी करने वाले, डाटा बेचने वाले, फर्जी आईडी पर बैंक खाता और सिम उपलब्ध कराने वाले आरोपी शामिल हैं। एसटीएफ का कहना है कि इन नए आरोपियों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
एसटीएफ ने शुक्रवार को नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद व फरीदाबाद में दबिश देकर 105 लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी विभिन्न इंश्योरेंस, ई-कॉमर्स पोर्टल आदि कंपनियों के उपभोक्ताओं का गोपनीय डाटा चोरी कर एनसीआर क्षेत्र में ठगी का गोरखधंधा कर रहे थे। एसटीएफ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा डाटा हैक कर चोरी किया गया है या कंपनियों के कर्मचारी से सांठगांठ कर फर्जीवाड़ा किया गया है।
कैसे खुल गए खाते और चालू हो गए सिम
एसटीएफ के एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इस केस में जो सिम इस्तेमाल किए गए हैं, वह फर्जी आईडी पर लिए गए हैं। ऐसे ही बैंक में खाते भी फर्जी आईडी पर खुलवाए गए हैं। इस गिरोह को किसी अन्य गिरोह ने फर्जी सिम उपलब्ध कराने व खाते खुलवाने में मदद की है। इस गिरोह की पड़ताल की जा रही है। इसमें बैंक व टेलीकॉम कंपनी के कर्मियों की भी मिलीभगत हो सकती है। मामले में बड़ी संख्या में नए आरोपियों के नाम सामने आए हैं, इन पर जल्द कार्रवाई होगी।