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50 लाख रंगदारी मांगने पर दो मैनेजर गिरफ्तार

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उद्योगपति अश्वनी पांचाल से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने नोएडा की न्यू क्राफ्ट प्रा. लि. नामक कंपनी के एजीएम और इसी कंपनी के डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक उद्यमी का दूर का रिश्तेदार है। पुलिस ने आरोपियों से रंगदारी मांगने के लिए प्रयुक्त किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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उद्योगपति अश्वनी पांचाल को पिछले माह गूंज गैंग का सदस्य बताते हुए एक बदमाश ने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रुपये नहीं देने पर उनके बेटे को उठा ले जाने की धमकी दी थी। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की, जिस पर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने अश्वनी पांचाल की सुरक्षा में पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 को सौंपी गई।

क्राइम ब्रांच प्रभारी संदीप मोर ने बताया कि इस मामले की जांच करते हुए कुछ दिन पहले उन्होंने मुजेसर थाना क्षेत्र से राहुल और सुशील पुरोहित नाम के दो झपटमारों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियों ने छीने गए एक मोबाइल फोन को अनिल और गुरुदत्त नाम के युवकों को बेचा था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने जवाहर कॉलोनी निवासी गुरुदत्त व पर्वतीय कॉलोनी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया।
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दोनों दोस्त हैं और गुरुदत्त रिश्ते में उद्यमी अश्वनी पांचाल का रिश्तेदार लगता है। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे नोएडा स्थित न्यू क्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत हैं। बीटेक पास गुरुदत्त कंपनी में एजीएम और एमबीए पास अनिल डिप्टी मैनेजर के पद पर है। दोनों ने ईजी मनी कमाने के चक्कर में उद्यमी पांचाल से रंगदारी मांगी थी।

टीवी शो देखकर आया आइडिया, इस धनराशि से करना चाहते थे गोसेवा
पूछताछ के दौरान अनिल ने बताया कि वह अक्सर क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया जैसे कार्यक्रम देखता रहता था। कार्यक्रम देखने के दौरान ही उसे रंगदारी मांगने का आइडिया आया। अपने फोन से फोन करने पर उसे पकड़े जाने का डर था। इसलिए उसने अपने क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पहले जेल जा चुके राहुल से एक मोबाइल फोन व सिम कार्ड खरीदा। इसके अलावा बिना बिल वाला एक चाइनीज मोबाइल फोन दिल्ल स्थित गफ्फार मार्केट से खरीदा था और उसी से फोन कर रंगदारी मांगी थी।

अनिल ने बताया कि उसने लिव फॉर नेशन नाम से एक संस्था भी बना रखी है और उसका अध्यक्ष है। वह समाजसेवा में अपना नाम कमाना चाहता था। अनिल के अनुसार रंगदारी के पैसे मिलने पर वह उससे चार-पांच गाड़ियां खरीद कर गोरक्षा में लगा देता। इससे उसका समाज में नाम हो जाता।
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