दिल्ली, बुलंदशहर, बिजनौर समेत हरियाणा के संस्करणों के ध्यानार्थ
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जुआ और सट्टा लगाते 24 गिरफ्तार
- हरियाणा और दिल्ली समेत प्रदेश के कई शहरों से सट्टा लगाने आते थे लोग
- सोशल मीडिया के माध्यम से सट्ट और जुआ खेलने बुलाया जाता था
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा।
लॉटरी कूपन से सट्टा लगाने वाले 24 सट्टेबाजों को सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस ने सेक्टर-8 से गिरफ्तार किया है। आरोपी किराये के मकान में कूपन, पर्ची, ताश की गड्डी, टोकन सिस्टम आदि से सट्टा खेलते थे। पुलिस के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली भी यहां आकर सट्टा लगाते थे।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना त्रिलोकपुरी, दिल्ली निवासी अरविंद है। उसी ने किराये पर मकान ले रखा है। सोशल मीडिया के माध्यम से वहीं दिल्ली और हरियाणा समेत यूपी के अन्य जिलों से सट्टा लगाने वालों को तलाश करके बुलाया जाता था। इनका एक व्हाट्स ऐप से भी ऑनलाइन जुआ खिलवाया जाता था।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सीओ प्रथम अनित सिंह को सूचना मिली थी कि सेक्टर-8 में सट्टा लगवाया जा रहा है। उन्होंने सेक्टर-20 थाना इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना को मय फोर्स के साथसेक्टर-8 स्थित एक मकान पर छापेमारी करने के निर्देश दिए। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां पर देखा किया कि काफी लोग जुआ खेलते और सट्टा लगाते हुए मिले। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 58,400 रुपये, लैपटाप, लाटरी कूपन चार्ट, ताश की गड्डी, पेन, एलईडी लाइट, बिल पैड, लोहे के टोकन आदि सामान जब्त किए हैं।
कौन कौन पकड़े गए
पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविंद के अलावा , आशीष, दिलशाद, चांद, महफूज आलम, हेम बहादुर, सुनील, सलामत निवासी सेक्टर-8 नोएडा, इमरान निवासी त्रिलोकपुरी, शमीम निवासी दरियागंज दिल्ली, इस्तकार, अतीक व पप्पू निवासी बुलंदशहर, रितेश निवासी उद्यम सिंह नगर, मियाबुद्दीन निवासी मयूर विहार फेस-1, अनिल पाल निवासी बिजनौर, शादाब निवासी ग्रेटर नोएडा, हरि मोहन निवासी सेक्टर-9, रॉकी निवासी छलेरा, शमीम निवासी झुग्गी सेक्टर-5 देवाशीष निवासी जेजे कॉलोनी झुग्गी सेक्टर-18, मनोज गुप्ता और पान बहादुर निवासी हरौला ओर राम पुकार निवासी सेक्टर-18 शामिल हैं।
ऐसे खेला जाता था सट्टा और जुआ
सट्टा खेलने वालों को लोहे का टोकन और एक कूपन दिया जाता था। टोकन पर नंबर लिखा होता है और पर्ची की कीमत 10 से 100 रुपये होती थी। एक साथ 100 से अधिक लोगों से सट्टा लगवाया जाता था। 100 लोगों की पर्ची को एक बॉक्स में रख कर उसमें से एक पर्ची निकालते थे और जिसका नंबर लग जाता था, उसे पर्ची की कीमत का 10 गुना नकद दिया जाता था। इसके अलावा कंप्यूटर से ऑनलाइन सट्टा भी खेला जाता था।