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हिरण का शिकार करने आए दो गिरफ्तार
- कब्जे से लोहे के 12 शिकंजे और बाइक बरामद, पहले भी शिकार करने की बात की कबूल
पुलिस को गश्त के दौरान फलैंदा गांव के जंगल में होने की मिली थी सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
रबूपुरा। कोतवाली पुलिस ने रविवार देर रात गश्त के दौरान फलैंदा गांव के जंगल से हिरण का शिकार करने आए दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है। रबूपुरा क्षेत्र में हाल के दिनों में एक के बाद एक तीन काले हिरणों के शिकार के मामले सामने आए थे। इनमें दो हिरणों के पैर में लोहे का शिकंजा भी मिला था।
कोतवाली प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि रविवार देर रात रबूपुरा-फलैंदा मार्ग पर गश्त के दौरान उन्हें जंगल में कुछ शिकारियों के बाइक पर घूमने की सूचना मिली। पुलिस ने जंगल में चारों ओर घेराबंदी की। रबूपुरा-फलैंदा मार्ग पर एक बाइक पर दो युवक नजर आए। पुलिस को देखकर वह जंगल की ओर भागे, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। शिकारी सोनू नाथ निवासी गांव नगला मोठुका थाना छांयसा जिला फरीदाबाद और राजवीर नाथ निवासी गांव रामपुर खादर कोतवाली दनकौर की तलाशी में लोहे के 12 शिकंजे (खटके) बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह हिरण का शिकार करने जंगल में आए थे। उन्होंने मकसूदपुर गांव के जंगल से हिरण का शिकार करने की बात भी कबूली।
सिलसिला बना हिरणों का शिकार
24 अक्तूबर : मकसूदपुर के जंगल में हिरण का शिकार किया गया
22 नवंबर : बीरमपुर गांव के जंगल में हिरण का शिकार किया गया
24 नवंबर : मकसूदपुर के जंगल से साधुओं ने हिरण को बचाया। इलाज के दौरान मौत।
मीट खाकर हिरण की खाल राजस्थान में बेचते थे
गांव रामपुर खादर निवासी राजवीर नाथ व सोनू नाथ ने बताया कि हिरण अधिकतर खेतों में विचरण करते हैं। जिन खेतों में हिरणों की संख्या अधिक होती, वहां वह देर रात लोहे का शिकंजा लगा आते थे। हिरण फंसने के बाद वह उसे लेकर चले जाते थे। उन्हाेंने हिरण का मीट खाने की बात भी कबूली। वे उसकी खाल राजस्थान निवासी अपने एक अन्य सहयोगी के पास लेकर जाते थे। वह हिरण की खाल बेच आता था।