अपहरण के 5 दिन बाद अय्यूब बरामद
-अपहरणकर्ताओं ने छोड़ने की एवज में मांगे थे 72 लाख रुपये
-झिरका पुलिस ने टपूकड़ा अलवर से किया बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर झिरका। पांच दिन पहले अगवा किए गए नारियला फिरोजपुर के अय्यूब को झिरका पुलिस ने बुधवार आधी रात टपूकड़ा अलवर से बरामद कर लिया। उसका मेडिकल करवाने और स्थानीय कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। हालांकि आरोपी अभी फरार हैं।
अपहर्ताओं के चुंगल से आजाद हुए अय्यूब ने बताया कि उसे एक दिन शाहपुर व दो दिन उत्तरप्रदेश में गंगा के किनारे किसी गांव में और फिर अलवर के भटेसरा गांव में दो दिन रखा गया। अपहरणकर्ता उसे रोजाना मारते थे और 72 लाख रुपये मंगाने के लिए कहते थे। उसे 5 दिन में दर्जनों गाड़ियों और स्थान बदल-बदल कर रखा गया।
अय्यूब के अपहरण की गुत्थी सुलझाने के लिए एडीजीपी श्रीकांत जाधव के नेतृत्व में पुलिस की 7 टीमें जुटीं थीं। झिरका शहर चौकी प्रभारी रामचंद्र ने बताया की बुधवार देर रात पुलिस टीम टपूकड़ा के पास रेड के लिए जा रही थी कि तीन गाड़ी आई और अय्यूब को सड़क पर छोड़कर फरार हो गईं। पुलिस की देखकर अय्यूब ने शोर मचाया। इस पर पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में लिया।
गौरतलब है कि लड़का पक्ष की ओर से दूसरी शादी करने के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर गत शनिवार को फिरोजपुर झिरका में लड़की पक्ष की ओर से पंचायत का आयोजन किया गया था। लेकिन बिरादरी पंचायत में लड़का पक्ष के देर से आने पर दोनो पक्षों के समर्थकों के बीच टकराव हो गया। इसके बाद लड़की पक्ष के लोग पंचायत के बीच से लड़के के पिता अय्यूब का अपहरण कर ले गए थे। पुलिस ने फारुख की शिकायत पर पंचायत के 26 लोगों सहित 40 के खिलाफ मारपीट व हथियार दिखाकर अपहरण करने का केस दर्ज करवाया था।
बिरादरी पंचों के खिलाफ दर्ज मुकदमे पर विवाद
विवाद के समाधान के लिए शनिवार को दहगल व डेमरोते खाप के पंच झिरका अनाज मंडी में एकत्रित हुए थे। पंचायत में हुए विवाद को लेकर लड़का पक्ष दोबारा पंचों के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे को लेकर सभी खापों के पंचों में नाराजगी है। कारण है कि विधायक जाकिर हुसैन ने पंचों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह पंचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा तो बिरादरी पंचायतों के माध्यम से होने वाले फैसले कैसे निपट पाएंगे।
फोटो- मांडीखेड़ा अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद अपने परिजनों के साथ पीड़ित अय्यूब।