फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेवात में जून से 26 अगस्त तक 2571 एमएम बारिश हुई

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में जमकर बरसे बदरा, खेत लबालब
विज्ञापन


नूंह/पुन्हाना। जिले में सोमवार को कहीं जमकर तो कहीं रुक-रुक कर पानी बरसने का सिलसिला जारी रहा। इससे कई लोगों में फसलों को लेकर खुशी नजर आई तो कई लोग बिजली आपूर्ति बाधित रहने से परेशान दिखे।
दरअसल, इस वर्ष जून माह से लेकर 26 अगस्त तक मेवात के खंड नूंह में 683 एमएम, तावडू में 463 एमएम, फिरोजपुर झिरका में 511 एमएम, पुन्हाना में 416 एमएम और नगीना में 598 एमएम बारिश हुई है जो पिछले कई सालों से काफी ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश से पुन्हाना इलाके में कपास की फसल को नुकसान हो रहा है तो कहीं खेतों में अधिक पानी भर जाने की वजह से ज्वार व बाजरे की फसल गिर गई है जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन

जिला राजस्व अधिकारी बसती राम ने बताया कि 1 अगस्त से लेकर 27 अगस्त तक नूंह में 100 एमएम, तावडू में 101 एमएम, फिरोजपुर झिरका में 215 एमएम, पुन्हाना में 73 एमएम और नगीना में 285 एमएम बारिश हुई है। उनका कहना है कि इस बार बारिश तो हुई है लेकिन सभी इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है कई इलाकों में ठीक तो कहीं कम बारिश हुई है। उनका कहना है कि अभी इतनी बारिश नहीं है कि फसल को नुकसान हो सके। उन्होंने बताया कि नूंह जिले के सभी खंडो में अभी तक 2571 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश होने की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं।
जानकारी के अुनसार, रविवार रात और सोमवार सुबह को हुई बरसात से खेतों में पानीनजर आने लगा। पुन्हना खंड के गांव लाहबास, मुंढेता, पिनगवां, रहपुआ, शाहचौखा, शिकरावा खंड़ नगीना के झिमरावट, मरोडा, मोहम्मदनगर, इमामनगर, जलालपुर, नाईनगंला, रोनपुर आदि गावों में बरसात की वजह से खेत लबालब भर गए और खेतों में खड़ी ज्वार व बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है। बरसात के साथ तेज हवा चलने की वजह से ज्वार की फसल जमीन पर गिर जाने से किसानों को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

किसान हारून, सोहराब आदि का कहना है कि अभी बरसात इतनी नहीं हुई है कि फसलको नुकसान हो सके लेकिन अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो कपास की फसल को काफी नुकसान हो पहुंच सकती है क्योंकि कपास की फसल में अब फूल आने शुरू हो गए हैं जिनको बरसात से नुकसान होगा। वहीं नगीना, फिरोजपुर ढिरका खंड के लोगों का कहना है कि सोमवार को रुक-रुक कर बरसात होती रही और पूरे दिन बदरा छाए रहे। देर रात शुरू हुई बरसात से फिलहाल बाजरे की फसल पकी हुई है तथा ऐसे में अगर और ज्यादा बरसात होती है बाजरे की फसल खराब हो सकती है। उनका कहना है कि जिन खेतों में पानी ज्यादा भर गया है उसको खाली खेतों में निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें