तिरवाड़ा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
पुन्हाना। पुन्हाना उपमंडल के गांव तिरवाड़ा में ओएलएक्स पर लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ने गई पुन्हाना सीआईए और बिछौर थाना पुलिस की बदमाशों के सभा हुई मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान एक मोस्ट वांटिड के सीने में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल का पुलिस की निगरानी में शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज नूंह में इलाज चल रहा है। जिसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अरशद के खिलाफ करीब 19 से अधिक लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग करने के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिछौर थाना प्रभारी राम चंद्र को सूचना मिली कि कुछ बदमाश हथियारों से लैस होकर हथनगांव की ओर से तिरवाड़ा गांव की तरफ आ रहे हैं। जिनमें कई आरोपी विभिन्न मामलों में वांछित हैं। बिछोर थाना और पुन्हाना सीआईए स्टाफ सूचना पाकर जब घटनास्थल की तरफ रवाना हुए तो गांव तिरवाडा में पुलिस को देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। आरोपी फायरिंग करते हुए गांव के अंदर घुस गए।
थाना प्रभारी का कहना है कि चार आरोपी छत पर चढ़ गए, जबकि एक आरोपी पुलिस पर नीचे से फायरिंग करता रहा। बदमाशों की आपसी फायरिंग में अरशद के सीने के नजदीक गोली लगी। पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार कर तुरंत नूंह के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अरशद के कब्जे से एक कट्टा, 9 कारतूस बरामद किए हैं जबकि बदमाशों ने उनके ऊपर कई राउंड फायरिंग की और पुलिस ने भी अपने बचाव में फायरिंग की। बिछौर थाना प्रभारी रामचंद्र की शिकायत पर अरशद उर्फ बग्गा पुत्र सुलेखां, जावेद पुत्र सुभान, अरशद पुत्र अब्दुल, शौकीन पुत्र जमालू और आजम पुत्र इब्रा के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
- पुलिस ने चलाई गोली
प्रत्यक्षदर्शी नाजिम का कहना है कि जिस समय घटना हुई वह मौके पर ही मौजूद था। अरशद भागता हुआ आया, जिसके पीछे पुलिस लगी थी। वह उसके सामने बचने के लिए एर्क इंटों की बनी झोपड़ी में दुबक गया। दूसरे रास्ते से आए पुलिस कर्मियों ने ताबड़तोड़ अरशद पर तीन फायर किए जिनमें से दो गोली दीवार में लगी तथा एक गोली अरशद के सीने के नजदीक लगी। पहले तो पुलिस कर्मी उसे छोड़कर भाग रहे थे लेकिन थोड़ा दूर चलने के बाद पुलिस कर्मी घायल अरशद को अपनी जिप्सी में डालकर ले गए। अरशद के पास कोई हथियार नहीं था, न ही उसने फायरिंग की, बल्कि पुलिस ने ही उसे गोली मारी।
-क्या बोले अरशद के परिजन
आरोपी अरशद के पिता सुलेखां, मां चंदो का कहना है कि उसका बेटा निर्दोष है। उसे तो गांव की पार्टीबाजी की वजह से फंसाया जा रहा है। उसके चार लड़के हैं। पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जिन पुलिस कर्मियों ने उसके बेटे को गोली मारी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
-क्या कहा सरपंच और ग्रामीणों ने
गांव की महिला सरपंच फरजाना ने उच्चाधिकारियों को लिखकर दिया है कि अरशद 2013 से पहले तो टटलूबाजी की वारदातों में शामिल रहता था लेकिन उसके बाद उसने कोई जुर्म नहीं किया है। ग्रामीण यूसुफ का कहना है कि पुलिस अरशद को जान बूझकर फंसा रही है। झूठे मामलों में उसे फंसाने पर उसने एसपी से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री तक पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है। वह पशुओं का व्यापार कर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा था।
-फोटो खबर से जुडी कुल 6 फोटो--जिनमें गांव में मौके पर तलाश करती पुलिस, भारी पुलिस बल।