निजाम कबाड़ी और उसके दो बेटों को कोर्ट से झटका, जब्त संपित्त नहीं होगी मुक्त
- गैंगस्टर एक्ट में पुलिस ने की थी कार्रवाई, आरोपियों की याचिका कोर्ट ने की खारिज
- तहसीदार के माध्यम से जब्त संपत्ति रखी जाएगी सुरक्षित, कैसे खरीदी जांच भी होगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी निवासी कबाड़ी निजाम मुनीम और उसके दो बेटों को कोर्ट से झटका लगा है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने सुंदर भाटी के इशारे पर स्क्रैप और कंपनी के ठेके कब्जाने के आरोप में कबाड़ी व उसके बेटों पर गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज कर करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी। तीनों आरोपियों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए और देखरेख न होने से क्षति होने का हवाला देकर संपत्ति मुक्त करने के लिए जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस याचिका को जिला न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने तहसीलदार के माध्यम से संपत्ति सुरक्षित रखने और अपराध के माध्यम से कितनी संपत्ति खरीदी गई, इसकी जांच के भी आदेश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बबलू चंदेला ने बताया निजाम उर्फ मुनीम, उसके बेटे फिरोज मलिक व नदीम मलिक ने न्यायालय में अपील दायर की थी। जिसमें कहा गया कि पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने उस पर गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत गलत ढंग से कार्रवाई की है। पुलिस ने मुनीम को सुंदर भाटी गिरोह से जुड़ा बताकर कार्रवाई की है। याचिका में कहा गया था कि वह कबाड़ी का व्यापार करता है। गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज करने के बाद उनकी नौ मार्च 2021 को दो संपत्ति जब्त की गई हैं। रखरखाव न होने से उनकी संपत्ति को क्षति पहुंच रही है। समय रहते इनका रखरखाव नहीं किया गया तो उसे काफी क्षति उठानी पड़ेगी। न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई की और गौतमबुद्धनगर पुलिस की कार्रवाई को सही मानते हुए आरोपी निजाम की यचिका खारिज कर संपत्ति सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।