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Noida News: गैंगस्टर दीपक बॉक्सर के खिलाफ जांच की अवधि बढ़ाने से अदालत का इन्कार

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मकोका मामला:
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर के खिलाफ मामले में जांच की अवधि 90 दिन से अधिक बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। उन्हें महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड एक्ट (मकोका) के तहत चल रहे एक मामले में आरोपी बनाया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने कहा कि कानून में उम्मीद की जाती है कि जांच एजेंसी बिना अनावश्यक देरी के ईमानदारी से जांच करेगी। इस तरह की कवायद को महज औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि इसमें शामिल अभियुक्तों की स्वतंत्रता का बहुमूल्य अधिकार शामिल है।
उन्होंने संबंधित प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा, उन स्थितियों से निपटने के लिए प्रावधान किया गया है जहां गंभीर प्रयास करने के बावजूद मामले की प्रकृति, तथ्य और सबूत ऐसे हैं कि जांच 90 दिनों में पूरी करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि, वर्तमान मामले में सबसे पहले सरकारी अभियोजक की रिपोर्ट उन विशिष्ट कारणों के बारे में पूरी तरह से चुप है जिनके लिए आरोपी की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने की मांग की गई है।
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विशेष न्यायाधीश ने कहा कि केवल यह उल्लेख करना कि जांच में उठाए गए कुछ कदमों को अधूरा छोड़ दिया गया है जैसे उन आपराधिक मामलों की प्रमाणित प्रति, जिनमें आरोपी दीपक बॉक्सर शामिल है, एकत्र नहीं की जा सकी या आयकर, उसकी संपत्तियों आदि का विवरण नहीं लिया जा सका। अभियुक्त की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने का कानूनी कारण नहीं हो सकता। न्यायाधीश ने 11 जुलाई को पारित आदेश में कहा न्यायालय केवल जांच एजेंसी के आदेश पर काम नहीं करेगा।
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