माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। त्वरित न्यायालय संख्या-1 ने ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड मामले में आरोपी सुरेश कुमार बैरवा को जमानत प्रदान की है। प्रकरण साइबर क्राइम थाना में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। जिसमें वादी हरी कुमार वागापल्ली ने नवंबर 2023 में एक व्हाट्सएप ग्रुप डब्ल्यू-68 लाभदायक पोर्टफोलियो ट्रेडर्स से जुड़ने और उसके बाद लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। वादी के अनुसार जनवरी 2024 में ग्रुप के एडमिन और फुया नामक ऐप के अकाउंट मैनेजर ने स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर उसे कई खातों में धनराशि ट्रांसफर करने को कहा। झांसे में आकर उन्होंने आईसीआईसीआई, एसबीआई, फेडरल बैंक और एयू बैंक के कई खातों में 20 से अधिक बार में कुल 81.59 लाख रुपये ट्रांसफर किए। उन्होंने कुछ आईपीयू और स्टॉक्स भी खरीदे जिनका कुल मुनाफा 1.43 करोड़ रुपये तक बताया गया। लेकिन जब हरी कुमार ने पैसा निकालने की कोशिश की तो ऐप पर उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत के पक्ष में तर्क दिए कि आरोपी एफआईआर में नामजद है नहीं है। उसके खिलाफ कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं है। उसके किसी बैंक खाते में वादी द्वारा भेजी गई राशि का सीधा लेनदेन नहीं है। संभवतः उसके नाम पर फर्जी तरीके से खाता खोला गया और उसका आधार व पैन कार्ड धोखे से इस्तेमाल हुआ। यह गंभीर साइबर अपराध है और इससे अन्य निवेशक भी प्रभावित हो सकते हैं। अदालत ने केस डायरी व उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी को जमानत दी है।