-दाखिले के दूसरे चरण में छात्रों को 12वीं के विषयों को सीयूईटी में चुने गए विषयों के साथ जोड़ना है
-सही विषय मैपिंग के लिए छात्र ही पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे
-केवल बारहवीं में पास किए विषयों पर ही विचार किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के दूसरे चरण में छात्रों का विषयों की सही मैपिंग करना भी जरूरी है। मैपिंग के तहत छात्रों को बारहवीं कक्षा में पढ़े गए विषयों को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में चुने गए विषयों के साथ मैप करना है। विवि ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों ने सही मैपिंग नहीं की तो वह इसके लिए जिम्मेदार होंगे। गलत मैपिंग से सीट आवंटन में परेशानी आ सकती है।
दाखिले के लिए सोमवार को शुरू हुए दूसरे चरण में छात्रों को बारहवीं कक्षा में उनके द्वारा पढ़े गए विषयों को उन विषयों से जोड़ना होगा जिनमें वे सीयूईटी-2023 में उपस्थित हुए हैं। विवि ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं विषयों पर विचार किया जाएगा जिनमें छात्र ने बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। यदि बारहवीं कक्षा में पढ़ा गया विषय सीयूईटी का हिस्सा नहीं था तो बारहवीं कक्षा में पढ़े गए विषय के समान या उसके करीब के विषय पर विचार किया जाएगा। यह जिम्मेदारी खुद उम्मीदवार की होगी कि वह सही सब्जेक्ट मैपिंग प्रदान करे।
दाखिले के लिए मेरिट स्कोर की गणना के लिए डीयू एनटीए द्वारा प्रदान किए गए विषय आधारित सामान्यीकृत स्कोर पर विचार करेगा। उम्मीदवार जिन प्रोग्रामों के लिए पात्र होंगे उनके लिए सामान्यीकृत स्कोर के आधार पर वे अपना प्रोग्राम-विशिष्ट सीयूईटी स्कोर देख सकेंगे। ये प्रोग्राम-विशिष्ट सीयूईटी स्कोर स्वचालित रूप से गणना किए जाएंगे और उम्मीदवारों के डैश बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे। मैपिंग करने के बाद उन्हें अपने सीयूईटी मार्क्स और प्रोग्राम संबंधित योग्यता दिखाई देगी। इसके आधार पर ही छात्र दाखिले के लिए अपनी कॉलेज व कोर्स की वरीयता को सेट कर सकते हैं।
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मैपिंग के लिए करनी होगी विषयों की जांच
विषयों की मैपिंग के तहत छात्रों को विभिन्न सूचियों के तहत दिए गए विषयों की जांच करनी होगी, अपने स्कोर की गणना करनी होगी और विषय विशिष्ट पात्रता की जांच करनी होगी। सूची एक में 32 भाषाएं शामिल हैं, जबकि सूची बी को बी-1 और बी-2 में विभाजित किया गया है। बी-1 डोमेन विशिष्ट विषयों से संबंधित है, इसमें 18 शैक्षणिक विषय शामिल हैं। सूची बी-2 में नौ गैर-शैक्षणिक विषय शामिल किए गए हैं। इन सूची के आधार पर ही मैपिंग करनी है।