नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आम आदमी पार्टी की 11 उम्मीदवारों की पहली सूची पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इस सूची ने केजरीवाल की घबराहट और पार्टी के घटते जनाधार को उजागर कर दिया है। छह उम्मीदवार बाहरी हैं और तीन सीटों पर कांग्रेस छोड़कर आप में आए नेताओं को टिकट दिया गया है। मौजूदा विधायकों के टिकट काटना और कांग्रेस से आए नेताओं को मौका देना केजरीवाल की सत्ता विरोधी लहर से निपटने की कोशिश है। जनता के बीच हो रही उपेक्षा और पद यात्राओं में मिल रहे ठंडे रिस्पॉन्स ने केजरीवाल को यह एहसास दिला दिया है कि उनकी विदाई नजदीक है। आप में कलह भी बढ़ती जा रही है। कैलाश गहलोत का पार्टी छोड़ना इसका प्रमाण है। क्यों केजरीवाल, आतिशी, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय जैसे बड़े नाम पहली सूची में शामिल नहीं हैं। यह उनके नेतृत्व पर घटते विश्वास और भ्रष्टाचार के आरोपों को दर्शाता है। आप के पास अब खुद के योग्य उम्मीदवार नहीं बचे हैं, इसलिए वे अन्य पार्टियों के नेताओं को प्रलोभन देकर शामिल कर रहे हैं। ब्यूरो