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युवाओं की जनहित कमेटी लोगों के लिए बनी मिसाल

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युवाओं की जनहित कमेटी लोगों के लिए बनी मिसाल
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मोहम्मद तसलीम अलवी, पिनगवां। अगर मन में कुछ करने का जब्बा हो तो बड़ी समस्या का भी समाधान किया जा सकता है। ऐसा ही कारनामा पिनगवां खंड के गांव शिकरावा में युवाओं द्वारा बनाई गई जनहित कमेटी ने कर दिखाया है। कमेटी के युवाओं ने मात्र 5 महीने के दौरान ऐसे कार्य किए हैं, जो पिछले 10 वर्षों से नहीं हो सके थे। जिसमें मुख्य रूप से गांव में 10 साल से बंद पड़े बूस्टर नंबर 2 को शुरू कराना व यहां ट्रांसफार्मर रखवाना शामिल हैं। आज गांव के सैकड़ों लोगों को पीने का पानी मिल रहा है। गांव के युवा बासित खान, ऐजाज खान, इस्तियाक, अरबाज, अहसान, आकिब ने बताया कि लॉक डाउन से परेशान युवाओं ने करीब 5 महीने पहले गांव में कुछ करने का मन बनाया। सबसे पहले 11 युवाओं की जनहित कमेटी रजिस्टर्ड कराई गई। उसमें गांव में सबसे पहले कब्रिस्तान, शमशानघाट की सफाई, गांव में 600 पेड़ लगाने, गलियों व नालियों का सफाई अभियान, कब्रिस्तान व शमशान घाट, स्कूल का मिट्टी से भरत कराया। गांव में लाइब्रेरी की स्थापना, पीने के पानी के बूस्टर नंबर 2 पर ट्रांसफार्मर रखवाकर उसे शुरू कराया। जिससे आज 200 परिवार के लोगों को पीने का पानी मिल रहा है। छोटी नहर पर पुल बनवाना, सरकारी भैंस को जलाने वालों पर कार्रवाई करना, आंगनवाड़ी कर्मियों, डिपो होल्डरों पर गड़बड़ी करने पर कार्रवाई करना, मोहल्ला पाठशाला शुरू करना। पृथ्वी बास वाली पीने के पानी की पाइपलाइन जुड़वाना, गांव के अस्पताल को पानी की लाइन से जुड़वाना, बदरपुर सुखपरी जैसे लगभग 20 गांव की टूटी पाइपलाइन जुड़वाना, असमर्थ व गरीब लोगों का इलाज कराना, पांचों स्कूलों के छात्रों का आपस में प्रतियोगिताएं कराना। युवाओं का कहना है कि गांव में जो भी कार्य किए गए हैं वे गांव के सरपंच, पंच, नंबरदार, बुजुर्ग, शिक्षित और युवाओं के सहयोग से कमेटी ने कराए हैं। आज उनके साथ गांव में 90 फीसदी युवा और शिक्षित लोग जुड़े हैं। उन्होंने कमेटी की एक सीनियर विंग भी बनाई है, जो उनसे राय मशवरा लेकर काम करती है।
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