-कॉलेजों व विभागों को दिए गए निर्देश, 31 मई तक प्रस्तुत करनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज व विभागों में कक्षाएं व प्रयोगशालाएं अब सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक (12 घंटे) खुली रहेंगी। डीयू ने इसके लिए सभी कॉलेजों व विभागों को निर्देश देते हुए यूजीसी के निर्देश व संसाधनों के बेहतर ढंग से प्रयोग होने का हवाला दिया है। इस संंबंध में अधिसूचना जारी कर 31 मई तक कार्रवाई रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
केन्द्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए यूजीसी की ओर से जनवरी में जो दिशा निर्देश जारी किए गए थे, उनका अब कार्यान्वयन किया जा रहा है। डीयू ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि अब छात्र सुबह से लेकर रात तक लैब में काम व कक्षाओं में पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर इस अधिसूचना का विरोध भी शुरू हो गया है। शिक्षक संगठन एएडीटीए के अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि इस फैसले को बिना कार्यकारी, अकादमिक काउंसिल व स्टॉफ काउंसिल में चर्चा और पास कराए बगैर लागू किया गया है। यह विचार छोटे संस्थानों के लिए अच्छा है, लेकिन बुनियादी ढांचे में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि किए बिना बड़ी संख्या में छात्रों के प्रवेश के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज के संसाधनों पर पहले से ही बोझ है।
एएडीटीए का कहना है कि कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस विस्तार से छात्रों की संख्या तो बढ़ गई है लेकिन शिक्षण पद के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मंजूरी नहीं मिली है। वहीं, कॉलेजों को यूजीसी से कोई विज्ञान प्रयोगशाला विकास निधि नहीं मिल रही है। इसका मतलब है कि यह शुल्क छात्रों की फीस से वसूला जाना है और हर साल कॉलेज फीस में वृद्धि करेगा। यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित करेगा। ऑनलाइन टीचिंग पर निर्भरता बढ़ेगी।