नोट: कृप्या खबर की पीडीएफ लगा लें
-
-अमर उजाला ने परियोजना के ठंडे बस्ते में डालने का उठाया था मामला
-शहर को सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए जरूरी थी परियोजना
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नोएडा हैबिटेट सेंटर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। परियोजना के ठंडे बस्ते में जाने का मामला अमर उजाला ने उठाया था। फाइलों में दबकर रह गई हैबिटेट सेंटर निर्माण की परियोजना शीर्षक से छपी खबर पर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की गई। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की ओर से इस मामले के जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले की जांच जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को सौंपी गई है।
शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिलाने के लिए दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर की तर्ज पर नोएडा में कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर परियोजना शुरू की गई थी। टेंडर के बाद सेक्टर-94 में निर्माण कार्य भी शुरू हुआ। लेकिन विवादों के बाद परियोजना का काम रुक गया और टेंडर निरस्त करने के बाद यह फाइलों में दब कर रह गई। परियोजना के शुरुआती दौर में इस तरह से दिखाया गया था कि मानो यह परियोजना नोएडा की पहचान बनकर उभरेगी। नोएडा का हैबिटेट सेंटर दिल्ली से भी बेहतर होगा। यहां सांस्कृतिक गतिविधियों की बाढ़ आ जाएगी। दिल्ली के कलाकार नोएडा आकर अपना हुनर दिखाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।