सूरजपुर में बिना मान्यता संचालित स्कूल का निरीक्षण करती बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी?
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ग्रेटर नोएडा। औचक निरीक्षण कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने बुधवार को सूरजपुर में बिना मान्यता के चल रहे तीन स्कूलों को बंद करा दिया। स्कूल प्रबंधनों को चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा स्कूलों को खोला गया तो उन पर एक लाख रुपये जुर्माना किया जाएगा। अनुमान है कि जिले में करीब 200 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारी को बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को सूची बीएसए कार्यालय को भेजने को कहा है। सबसे अधिक बिसरख विकासखंड में बिना मान्यता के स्कूल संचालित मिल रहे हैं। महर्षि दयानंद आदर्श विद्यालय को आठवीं तक मान्यता थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान यहां 9वीं और 10वीं की कक्षाएं चल रही थीं। वहीं, एसएम पब्लिक स्कूल और प्रिंस मॉडर्न पब्लिक स्कूल में संचालक मान्यता के कागजात बीएसए को नहीं दिखा सके। जांच में पता चला कि दोनों ही स्कूलों को मान्यता नहीं थी।
बिसरख ब्लॉक में बिना मान्यता के स्कूल अधिक
शिक्षा विभाग का आकलन है कि जिले के चारों ब्लॉक बिसरख, दादरी, दनकौर और जेवर में करीब 200 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। इनमें 70 फीसदी स्कूल बिसरख ब्लॉक (नोएडा क्षेत्र) में हैं। ज्यादातर स्कूल घरों या छोटे से स्थानों पर चल रहे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले बड़ी संख्या में स्कूल हैं।
सूरजपुर क्षेत्र में तीन स्कूलों में औचक निरीक्षण किया गया। दो स्कूल बिना मान्यता के चल रहे थे। वहीं, एक स्कूल में केवल कक्षा आठ तक मान्यता थी और 10वीं तक पढ़ाई कराई जा रही थी। इन स्कूलों को बंद कराया गया है। दोबारा से स्कूल खुले तो इन पर जुर्माने के साथ-साथ एफआईआर भी कराई जाएगी। - ऐश्वर्या लक्ष्मी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर